विद्वान और तपस्वी संत थे ब्रह्मलीन स्वामी डा.श्याम सुंदर दास शास्त्री : स्वामी परमात्म देव

17HREG486 विद्वान और तपस्वी संत थे ब्रह्मलीन स्वामी डा.श्याम सुंदर दास शास्त्री : स्वामी परमात्म देव

हरिद्वार, 17 जुलाई (हि. स.)। ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी डा.श्यामसुंदर दास शास्त्री महाराज की चौथी पुण्य तिथी पर संत समाज ने उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।

श्री साधु गरीबदासी सेवाश्रम ट्रस्ट में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह की अध्यक्षता करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी परमात्म देव महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी डा.श्यामसुंदर दास शास्त्री महाराज विद्वान और तपस्वी संत थे। धर्म शास्त्रों का उनका ज्ञान विलक्षण था। स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद एवं स्वामी दिनेश दास सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें ब्रह्मलीन स्वामी श्यामसुंदर दास शास्त्री के सानिध्य में धर्म और अध्यात्म की शिक्षा दीक्षा प्राप्त करने का अवसर प्राप्त हुआ।

महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि गुरु से प्राप्त ज्ञान और संत परंपराओं का अनुसरण करते हुए स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद एवं स्वामी दिनेश दास को समाज का मार्गदर्शन करने के साथ धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार में भी योगदान करते देखना सुखद व प्रेरणादायक है।

महामंडलेश्वर स्वामी भगवत स्वरूप महाराज व स्वामी विज्ञानानंद महाराज ने कहा कि धर्म प्रचार में डॉ. शास्त्री महाराज का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। स्वामी ऋषिश्वरानंद, बाबा हठयोगी व स्वामी शिवानंद ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी डा.श्यामसुंदर दास शास्त्री महाराज संत समाज की दिव्य विभूति थे। उनकी शिक्षाएं सदैव समाज का मार्गदर्शन करती रहेंगी।

स्वामी रविदेव शास्त्री एवं स्वामी हरिहरानंद ने कार्यक्रम में शामिल हुए संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन पूज्य गुरूदेव डा.स्वामी श्यामसुंदर दास शास्त्री महाराज से प्राप्त ज्ञान व शिक्षाओं के अनुसरण और संत समाज के आशीर्वाद से गुरू परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सनातन धर्म व संस्कृति का प्रचार प्रसार करना ही उनके जीवन का उद्देश्य है।

इस अवसर पर स्वामी भगवत स्वरूप, स्वामी कल्याण देव, पंडित अधीर कौशिक, साध्वी शरण ज्योति मां, साध्वी जीवन ज्योति मां, साध्वी पूजा ज्योति मां, कुलपति डा.दिनेशचंद शास्त्री, पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डा.महावीर अग्रवाल, साहित्यकार डा.विष्णुदत्त राकेश, महंत दुर्गादास, महंत शिवम, स्वामी शिवानंद भारती, स्वामी कृष्णदेव, स्वामी ऋषि रामकृष्ण, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, सुभाषचंद आदि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।