डीएम की फर्जी ईमेल आईडी तैयार कर, अभ्यर्थियों को भेजे जाते थे फर्जी नियुक्ति पत्र

31HREG149 डीएम की फर्जी ईमेल आईडी तैयार कर, अभ्यर्थियों को भेजे जाते थे फर्जी नियुक्ति पत्र

-एक और फर्जी भर्ती सेंटर का पुलिस ने किया भंडाफोड़, 4 सक्रिय सदस्य गए दबोचे

-सरकारी नौकरी का लालच दे बेरोजगारों से ऐंठते थे लाखों रुपये , थमाते थे फर्जी ज्वाइनिंग लेटर

हरिद्वार, 31 जनवरी (हि.स.)। बेरोजगार युवाओं की भावनाओं से खेलकर लाखों का मुनाफा कमाने और फिर जिला कोर्ट, आयकर विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य विभागों के फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर रहे सिंडिकेट से पर्दा उठाते हुए लक्सर पुलिस ने गिरोह से जुड़े 04 शातिर अभियुक्तों को दबोचने में सफलता हासिल की है।

पकड़े गए आरोपितों के संबंध में जानकारी देते हुए एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि सरकारी नौकरी की बांट जोह रहे बेरोजगार युवाओं को फांसने के लिए यह गिरोह अखबारों में विज्ञप्ति निकालता था। गिरोह का बाकायदा एक चैनल (कम्युनिटी हेल्थ वर्कर एवं महिला कल्याण ट्रस्ट नई दिल्ली) बनाया गया था, जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में तथा उसकी शाखा लखनऊ से संचालित होती थी। तथाकथित ट्रस्ट की एक शाखा कनखल जगजीतपुर में बनाई हुई थी, जहां अभियुक्तों को विभिन्न पदों पर तैनात किया गया था।

नामी होटल में इंटरव्यू और पेपर के लिए बुलाया जाता था-

एसएसपी अजय ने बताया कि बेरोजगार युवाओं के आवेदन मिलने पर उन्हें लखनऊ स्थित नामी होटल में इंटरव्यू और पेपर के लिए बुलाया जाता था और फिर जिला कोर्ट आदि विभागों के नाम से जारी फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लाखों रुपये हड़प लिए जाते थे। उन्होंने बताया कि जनपद के विभिन्न थानों (रुड़की, लक्सर गंगनहर ज्वालापुर आदि) में मिली धोखाधड़ी की शिकायत मिलने पर संबंधित थाना कोतवाली में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर उक्त गिरोह की कुंडली तैयार करने के सम्बन्ध में निर्देश देते हुए उनके द्वारा स्वयं पुलिस टीम गठित की गई थी और बारीकी से मॉनिटरिंग भी की जा रही थी।

एसएसपी ने बताया कि जनपद में जगह-जगह चल रहे इस बड़े खेल पर फोकस करते हुए गठित पुलिस टीम ने लगातार एक्टिव रहकर कुल 04 अभियुक्तों को भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान कम्प्यूटर, सीपीयू, प्रिंटर, नकदी, घटना में इस्तेमाल किए जाने वाले कई मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज आदि के साथ दबोचा गया। चिन्हित किए गए अन्य फरार अभियुक्तों की भी तलाश की जा रही है।

उन्होंने बताया कि अभियुक्त खुर्शीद आलम चिश्ती निवासी 438/4 गली नम्बर 01 बन्दा रोड कोतवाली रुड़की जनपद हरिद्वार, कनखल हरिद्वार में हरेराम आश्रम की बिल्डिंग में हिल्ट्रोन कम्प्यूटर सेन्टर के नाम से कम्प्यूटर सेंटर का संचालन किया जा रहा था। यहां पर मुख्य आरोपित अब्दुल कादिर निवासी जैतपुर थाना कोतवाली लक्सर जिला हरिद्वार, सौरभ कुमार निवासी लोधीवाला थाना झबरेड़ा, जिला हरिद्वार, दिनेश डोगरा निवासी सुल्तानपुर लक्सर जिला हरिद्वार द्वारा कम्प्यूटर कोर्स किया जा रहा था और यह चारों एक दूसरे के संपर्क में आए थे।

अब्दुल कादिर ने खुर्शीद आलम, सौरभ, दिनेश डोगरा और अपने अन्य साथी नरेन्द्र निवासी तलहडी बुजुर्ग देवबंद उ.प्र. की मुलाकात विजय श्रीवास्तव, हर्ष श्रीवास्तव (जिनका ऑफिस लखनऊ, उप्र में वेलंगटन चौराहे पर था) के साथ लखनऊ में करायी।

समाचार पत्रों में प्रकाशित कराते थे नौकरी दिलाने की विज्ञप्ति-

विजय श्रीवास्तव और हर्ष श्रीवास्तव ने उपरोक्त अभियुक्तों के साथ मिलकर कम्युनिटी हेल्थ महिला कल्याण ट्रस्ट की आड़ में ऐसे युवक और युवतियों, जिन्हें सरकारी नौकरी की तलाश रहती है। इसके लिए बेरोजगार युवक-युवतियां मोटे पैसे भी खर्च करने को तैयार रहते हैं। इनको नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का खेल शुरू किया गया। इसके लिए समाचार पत्रों में बाकायदा नौकरी दिलाने के लिए विज्ञप्ति जारी की जाती थी।

खुर्शीद आलम के हिल्ट्रान कम्प्यूटर सेंटर में ही नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों, युवतियों के इन्टरव्यू लिये गये। उन्हें जिला प्रभारी, ब्लॉक प्रभारी, पंचायत मित्र, पंचायत शिक्षिका के पद पर लाखो रुपये लेकर नियुक्ति दी गयी। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश में बेरोजगार युवकों व युवतियों को जिला कलेक्ट्रेट, ड्रिस्ट्रिक कोर्ट, उपभोक्ता न्यायालय, इनकम टैक्स विभाग, आर्डिनेंस फैक्टरी देहरादून में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखो रुपये की ठगी की गयी और फर्जी नियुक्ति पत्र अभ्यर्थियों को थमाये गये।

कई-कई विभागों के नियुक्ति पत्र जारी कर देते थे-

जब अभ्यर्थियों के सम्बन्धित विभाग में जाकर नियुक्ति पत्र दिखाने पर भी नौकरी नहीं मिली और नियुक्ति पत्र फर्जी पाये गये तो इसके सम्बन्ध में अभ्यर्थियों ने गिरोह के सदस्याें से जानकारी की गयी तो वे वैकेन्सी फुल होने का कारण बताकर दूसरे विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर देते थे। 01-01 अभ्यर्थी को कई-कई विभागों के फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किये गये। ठगी की जानकारी होने पर जब अभ्यर्थियों ने गिरोह के सदस्यों पर हिल्ट्रान कम्प्यूटर सेंटर में जाकर दबाव बनाने लगे तो गिरोह ने तुरंत ही अपना आफिस विकास कालोनी, कनखल में किराये के कमरे पर शिफ्ट कर दिया, लेकिन पुनः अभ्यर्थियों का दबाव बढ़ने पर उक्त आफिस बंद कर मुख्य अभियुक्त अब्दुल कादिर ने जैतपुर, लक्सर स्थित अपने घर से गिरोह का संचालन शुरू कर दिया।

प्रत्येक पद के लिए तय थे नौकरी के रेट थे, ट्रेनिंग भी देते थे-

पकडे़ गये अभियुक्तों ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक पद के रेट तय किये गये थे। चपरासी के पद के लिए 05 लाख रुपये, क्लर्क के लिए 08 लाख रुपये और कार्यालय सहायक के लिए 10 लाख रुपये की रकम तय की गयी थी। सम्पर्क में आए कई युवकों को आर्डिनेंस फैक्टरी में नौकरी का नियुक्ति पत्र जारी कर दिया। कोई शक न रहे इसलिए बाकायदा गिरोह के सदस्यों ने ट्रेनर बनाकर कई दिनों तक आर्डिनेंस फैक्टरी के बाहर ही ग्रुप डी की ट्रेनिंग भी करायी गई।

एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। फरार आरोपितों के नाम विजय श्रीवास्तव निवासी लखनऊ, हर्ष श्रीवास्तव निवासी लखनऊ, रिजवान पुत्र शहीद हसन निवासी जैतपुर लक्सर, हरिद्वार और सारिका बानो पत्नी अब्दुल कादिर निवासी जैतपुर लक्सर बताए गए हैं।

आराेपितों के पास से फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र, भारी मात्रा में अभ्यर्थियों की शैक्षिक अंकतालिकायें, एक दर्जन से अधिक चेक बुक, पास बुक, नकदी 60 हजार, मोबाइल फोन 06, कम्प्यूटर और प्रिंटर आदि बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनका चालान कर दिया है।