कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करें, रखें भावनात्मक लगाव : सीएमाओ

30HREG126 कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करें, रखें भावनात्मक लगाव : सीएमाओ

– कुष्ठ उन्मूलन को शुरू हुआ घर-घर जागरूकता अभियान

औरैया, 30 जनवरी (हि.स.)। कुष्ठ रोगियों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं करना चाहिए, बल्कि उनके साथ भावनात्मक लगाव रख कर उनको समाज की मुख्य धारा में शामिल करने में सहायता करनी चाहिए। यह बातें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर जिला कुष्ठ कार्यालय में कुष्ठ निवारण दिवस आयोजित गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार ने कहीं।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कुष्ठ जागरूकता को सन्देश वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही राष्ट्रपिता के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए 43 कुष्ठ रोगियों को एमसीआर चप्पल, सेल्फ केयर किट व कम्बल दिये। नुक्कड़ नाटक व मैजिकल शो के माध्यम से लोगों को कुष्ठ के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान कुष्ठ उन्मूलन के लिए जिलाधिकारी का संदेश पढ़कर भी सुनाया गया और कुष्ठ के कलंक को समाप्त करने की शपथ ली गयी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी का संदेश पढ़कर सुनाते हुए कहा कि इस रोग के बारे में समाज में कुछ गलत धारनाएं प्रचलित है। ग्रामीण इलाकों में इसे छुआछूत का रोग भी मानते हैं। यह धारणा बिल्कुल गलत है। इलाज से सह पूरी तरह ठीक हो सकता है। इसका इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त किया जाता है।

जिला कुष्ठरोग अधिकारी डॉ शिशिर पुरी ने कहा कि चमड़ी पर सुन निशान, हल्के तांबे रंग के धब्बे कुष्ठ रोग की निशानी है। कुष्ठ रोग से प्रभावित हिस्से पर मरीज को चोट लगने का पता नहीं लगता। नियमित रूप से दवा खाकर रोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके लिए छह माह और एक साल की खुराक दी जाती है। साथ ही कुष्ठ रोगी सामान्य व्यक्तियों की तरह सभी के साथ रह सकता है।

जिला कुष्ठ सलाहकार डा. विशाल ने बताया कि अगर कुष्ठ रोग की पहचान शुरूआती दौर में हो जाती है और इलाज शुरू कर दिया जाता है, तो पीड़ितों को विकलांगता से बचाया जा सकता है। इसलिए कुष्ठ का कोई भी लक्षण हो तो इलाज कराने में विलंब नहीं करें। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2022 से अब तक 101 मरीज खोजे गए हैं। वर्तमान में जिले में 93 कुष्ठ रोगियों का उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया की कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए 13 फरवरी तक घर-घर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी, पीएचसी व उपकेंद्रों में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक किया गया।

इस दौरान उप जिला कुष्ठरोग अधिकारी, 50 शैय्या जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, यूनिसेफ से नरेंद्र शर्मा, एनएमएस ज्ञान शर्मा, पीपीएम समन्वयक रविभान सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।