11HREG56 हेली सेवाओं की मनमानी से यात्रियों को हो रही परेशानी
देहरादून, 11 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड की हेली सेवाओं की मनमानी से यात्रियों को बहुत परेशानी हो रही है। अक्सर हेली सेवाओं को लेकर यात्रियों की तरह-तरह की शिकायतें आती रहती हैं, लेकिन सचिव डीजीसीए इन बातों से बहुत सहमत नहीं है। उनका कहना है कि ऐसा नही है।
उत्तराखंड दुनिया भर में देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध है। प्रत्येक साल यहां लाखों श्रद्धालु और तीर्थयात्री चार धाम की यात्रा करने आते हैं। इस चार धाम की यात्रा को सुगम और सफल बनाने के लिए शासन और प्रशासन स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है, लेकिन जब बात चार धाम यात्रा में हेली सेवाओं की आती है तो यात्रियों में इस सेवा को लेकर बहुत नाराजगी और आक्रोश दिखता है। केदारनाथ धाम में हेली सेवाओं की मनमानी लगातार बढ़ती ही जा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन से लेकर नागरिक उड्डयन विभाग इन कंपनियों पर नियंत्रण नहीं लग पा रहे हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद हेलीकॉप्टर से केदारनाथ दर्शन के लिए लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
कई बार वीआईपी तो कभी केदारनाथ के मौसम की बात कह कर ऑनलाइन बुकिंग को रद्द कर यात्री को पेमेंट लौटा दिया जाता है, जिससे दूर दराज के राज्यों और विदेशों से आए हुए श्रद्धालुओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस संबंध में बुधवार को सचिव डीजीसीए सी रविशंकर से सचिवालय में हुई बातचीत की गई तो उन्होंने इस सवाल को टालने की कोशिश की। इस साफ है कि वह यात्रियों की समस्याओं के प्रति चिंतित नहीं दिखते हैं। फिर वह प्रयास करेंगे कि यहां आने वाले यात्रियों-पर्यटकों को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि टिकट के ऊपर ही सारे रूल एंड रेगुलेशन लिख दिए जाते हैं। साथ ही साथ अकस्मात कैंसिल और पैसे रिफंड की बात भी टिकट में ही लिखी रहती है। इससे साफ समझा जा सकता कि उनका यात्रियों की समस्या से बहुत अधिक लेना-देना नही है।