बाबा महाकाल के सानिध्य में ऋषि मुनियों ने तपस्या कर सनातन परंपरा को कायम रखा: परमेश्वरी दीदी

07HREG164 बाबा महाकाल के सानिध्य में ऋषि मुनियों ने तपस्या कर सनातन परंपरा को कायम रखा: परमेश्वरी दीदी

रतलाम, 7 अगस्त (हि.स.)। तीर्थ पर जाने से तन, मन, धन का शुद्धिकरण होता है। जिस भी तीर्थ की हम यात्रा करते हैं वहां के जल और रज को अपने माथे पर लगाने से मन पवित्र होता है, हमारी बुद्धि एवं विचारों में सकारात्मकता का भाव आता है। बाबा महाकाल के सानिध्य में ऋषि मुनियों, साधु संतों ने सालों साल तपस्या कर सनातन धर्म, संस्कृति, परंपरा को कायम कर रखा है। इसी सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने का साहसिक कार्य प्रकाश प्रभु राठौड़ परिवार कर रहा है, जो सभी को बाबा महाकाल तीर्थ की यात्रा निशुल्क करा रहा है।उक्त विचार उज्जैन महाकाल तीर्थ की पांचवी यात्रा के शुभारंभ पर सुश्री परमेश्वरी दीदी मोडासा गुजरात ने काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर परिसर में व्यक्त किए।

सुश्री परमेश्वरी जी दीदी का स्वागत राठौड़ परिवार के सदस्यों के अलावा अखिल भारतीय रामायण मेला संयोजक राजेश दवे, समाजसेवी अनिल झालानी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, कार्यवाहक अध्यक्ष फैय्याज मंसूरी, मांगीलाल जैन, राठौड़ समाज अध्यक्ष कैलाश जमादार, राजेंद्र राठौड़, राजपूत समाज के राजेंद्रसिंह गोयल, बसंत पंड्या आदि ने किया। राठौर ने बताया कि यात्रा के शुभारंभ के पूर्व 108 पवित्र स्थानों के जल कलश की पूजा की गई। बस की पूजा कर सुश्री परमेश्वरी दीदी ने ध्वजा लहराते हुए यात्रा को प्रारंभ कराया। सभी भक्तजन पीले वस्त्रों में यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के तीन सोमवार शेष हैं। यात्रा 14, 21 एवं 28 अगस्त को निकाली जाएगी।