20HREG338 चमोली हादसा: गांव से लेकर शहर तक पसरा मातम, शोक में बाजार रहे बंद
गोपेश्वर, 20 जुलाई (हि.स.)। चमोली हादसे में हताहत हुए लोगों के गम में गांवों से लेकर शहर तक मातम छाया रहा। शोक में चमोली, गोपेश्वर, जोशीमठ और पीपलकोटी के बाजार बंद रहे। सभी शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया, जिनका उनके पैतृक घाटों पर अंतिम संस्कार किया गया।
बुधवार को चमोली कस्बे में नमामि गंगे परियोजना के प्लांट में करंट फैलने से 16 लोगों की मौत तथा 11 लोग झुलस गये थे। घायलों में से गंभीर घायलों को बुधवार को ही एयर लिफ्ट करवा कर एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया और बाकी पांच भी को गुरुवार को भेज दिया गया है।
इस हादसे में हरमनी गांव के सबसे ज्यादा दस लोगों की मृत्यु हुई है। जिसमें एक ही परिवार के तीन लोग भी शामिल है। वहीं रांगतोली के दो, गोपेश्वर नगर क्षेत्र के पाडुली के पिता-पुत्र समेत दो, रोपा गांव से एक तथा एक पीपलकोटी पुलिस चौकी इंचार्ज एसआई शामिल हैं। इस घटना से हर कोई सहमा हुआ है।
हरमनी गांववासी तो इस घटना से सबसे ज्यादा सदमे में है। गांव के इन परिवारों के साथ ही आस पडोस में बुधवार से चूल्हा तक नहीं चला है। गांव के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। ऐसा ही हाल हर उस गांव का है जहां के परिवारों के उनके अपने इस घटना में असामयिक उनका साथ हमेशा हमेशा के लिए छोड़कर चले गये हैं।
चमोली हादसे के सभी मृतकों का हुआ अंतिम संस्कार
चमोली हादसे के सभी मृतकों का गुरुवार को उनके पैतृक घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद सभी मृतकों के शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। जिसके बाद परिजन अपने-अपने पैतृक घाट पर पहुंचे जहां पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
बार एसोसिएशन ने दी श्रद्धांजलि
चमोली हादसे के मृतकों की आत्मा की शांति के लिए जिला बार एसोसिएशन गोपेश्वर में सभी अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की तथा सीएम को एक ज्ञापन देकर मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की। वहीं कर्णप्रयाग बार एसोसिएशन ने भी मृतकों की आत्मा की शांति के लिए मौन रखा और सीएम को ज्ञापन भेजकर इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।