किसान भाई जानें कैसे कर सकते हैं असली एवं नकली उर्वरकों की पहचान: डॉ. खलील खान

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कानपुर, 18 जुलाई (हि.स.)। किसान जानें कैसे असली एवं नकली उर्वरकों की पहचान की जा सकती है। यदि शुद्ध उर्वरक फसलों में नहीं रहेगा तो उन्हें क्षति उठानी पड़ सकती है। यह जानकारी मंगलवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के दलीप नगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मृदा वैज्ञानिक एवं विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. खलील खान ने दी।

उन्होंने बताया कि खरीफ का मौसम चल रहा है ऐसे भी किसान भाई खरीफ की फसलों में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं । इसलिए जरूरी है कि किसान भाई रासायनिक उर्वरकों को जांच परख लें। तत्पश्चात फसलों में प्रयोग करें।

यूरिया की पहचान

उन्होंने कहा कि असली यूरिया के दाने सफेद चमकदार और एक समान आकार के होते हैं इसके दाने पानी में पूरी तरह घुल जाते हैं इसके घोल को छूने पर ठंडा महसूस होता है तो यह समझ लेना चाहिए कि यूरिया असली है। अथवा यूरिया के कुछ दानों को गर्म तवे पर रखने से दाने पिघल जाते हैं आंच को तेज कर दें तो इसका कोई अवशेष नहीं बचता है तो किसान भाई समझ लें की ये असली यूरिया है।

डीएपी की कैसे करें पहचान

डॉक्टर खान बताया कि इसी तरह से डीएपी के कुछ दानों को हाथ में लेकर उसमें चूना मिलाकर मलने से यदि उसमें तेज गंध आने लगे और सूंघना मुश्किल हो जाए तो समझ ले कि डीएपी असली है, दूसरी विधि में डीएपी के कुछ दानों को गर्म तवे पर रखें तवे पर दाने अपने आकार से फूल जाते हैं तो समझे कि यह असली डीएपी है।

जाने कैसे पता चलता है कि असली है पोटाश

डाक्टर खान ने बताया कि पोटाश के कुछ दानों को नम करें ऐसा करने पर यह यह दाने आपस में नहीं चिपकते हैं तो असली है दूसरी विधि में पोटाश को पानी में घोलने पर उसके लाल भाग पानी के ऊपर तैरता रहता है।

डॉक्टर खलील खान ने बताया कि इसी प्रकार जिंक सल्फेट को डीएपी के घोल में मिलाने से थक्केदार अवक्षेप बन जाता है तो समझ ले कि असली है, इसी प्रकार सुपर फास्फेट उर्वरक की भी पहचान करें इसके कुछ दानों को गर्म तवे पर रखें और यदि यह नहीं फूलते हैं तो असली हैं।

डॉक्टर खान ने बताया कि खेती-बाड़ी में उर्वरकों का अपना विशेष महत्व है इससे फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलती है। किसान भाइयों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय उर्वरक विक्रेता से रसीद अवश्य ले लें।