16HREG364 किसानों को निशुल्क मिलेगा श्रीअन्न का बीज, अच्छी फसल के लिए करें जिप्सम का प्रयोग
मीरजापुर, 16 जुलाई (हि.स.)। श्रीअन्न (मोटे अनाज) को बढ़ावा देने के लिए रागी व ज्वार का बीज किसानों को निशुल्क मिलेगा, जो राजकीय कृषि बीज गोदाम पर उपलब्ध है। साथ ही अरहर का बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेगा। वहीं जिप्सम के उपयोग से तिलहनी व दलहनी फसलों के उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ोत्तरी के साथ भूमि भी स्वस्थ रहती है। ऐसे में कृषि विभाग ने खेतों में अच्छी फसल के लिए जिप्सम का प्रयोग करने की सलाह दी है, जो 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध है।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि किसान फसल उगाने के लिए सामान्यतः नत्रजन फास्फोरस तथा पोटैशियम का उपयोग करते हैं। कैल्शियम व सल्फर संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के मुख्य अवयवों में से हैं, जिनकी पूर्ति के अनेक स्रोत हैं। जिप्सम एक महत्वपूर्ण उर्वरक है। रसायनिक रुप से जिप्सम कैल्शियम सल्फेट है। इसमें 23.3 प्रतिशत कैल्शियम एवं 18.5 प्रतिशत सल्फर होता है। पानी में घुलने पर कैल्शियम एवं सल्फेट आयन प्रदान करता है। कैल्शियम के आयन मृदा में विद्यमान विनिमय सोडियम के आयनों को हटाकर उनका स्थान ग्रहण कर लेता है।
बुवाई से पहले करें जिप्सम का प्रयोग
उप कृषि निदेशक ने बताया कि जिप्सम को मृदा में फसलों की बुवाई से पहले डालते है। पहले खेत को पूर्ण रूप से तैयार करके (दो या तीन गहरी जुताई एवं पाटा लगाकर) बुरकाव करें। इसके बाद हल्की जुताई कर जिप्सम को मिट्टी में मिला दें। जिप्सम को मृदा में अधिक गहराई तक नहीं मिलाना चाहिए।