03HREG224 गुरुजनों के दिखाए मार्ग का अनुसरण करना ही जीवन का लक्ष्य : स्वामी विवेकानंद महाराज
हरिद्वार, 03 जुलाई(हि.स.)। श्री आनन्द आश्रम के परमाध्यक्ष महंत स्वामी विवेकानन्द महाराज के संयोजन में आयोजित गुरुजन स्मृति समारोह में सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरुषों ने ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी चेतनानन्द महाराज, ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी शिवानंद महाराज एवं ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
ब्रह्मलीन गुरुजनों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए महंत स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि तीनों पूज्य संत दिव्य महापुरुष थे। उन्होंने कहा कि पूज्य गुरुओं द्वारा दिखाए मार्ग व उनकी शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए संत समाज के आशीर्वाद से आश्रम और समाज की सेवा परंपरा का विस्तार करना ही उनके जीवन का लक्ष्य है। स्वामी रविदेव शास्त्री महाराज ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति के लिए जीवन समर्पित करने वाले तीनों संतों का आदर्शपूर्ण जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी है। सभी को उनकी शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए मानव कल्याण में योगदान करने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार में तीनों से संतों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।इस अवसर पर महंत नारायण दास पटवारी, महंत सूरज दास, स्वामी शिवम महंत, स्वामी कृष्ण स्वरूप, महंत शिवम गिरी, महंत दिनेश दास, महंत जयेंद्र मुनि, महंत बलवंत दास, महंत दुर्गादास, महंत गोविंद दास, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।