03HREG237 पतंजलि योगपीठ में हर्षोल्लास से मनाया गया गुरु पूर्णिमा पर्व
-15 बंधुओं और 5 बहनों को स्वामी रामदेव ने दी संन्यास की दीक्षा
हरिद्वार, 03 जुलाई (हि.स.)। पतंजलि योगपीठ में गुरु पूर्णिमा पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने 15 विद्वान भाइयों और 5 विदुषी बहनों को संन्यास की दीक्षा दी।
स्वामी रामदेव ने कहा कि यह पर्व सनातन धर्म व संस्कृति की धरोहर है। भारतीय सनातन परम्परा के अनुसार परमात्मा स्वयं गुरु रूप में हमें सद्मार्ग, उन्नति, कल्याण और ईश्वरीय पथ पर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज, राष्ट्र और विश्वकल्याण के लिए गुरु व शास्त्र जो उपदेश व निर्देश दे, शिष्य को बिना संदेह उन उपदेशों का अनुसरण करना चाहिए। गुरु ही है जो हमें कल्याण के पथ पर आरूढ़ करता है।
कार्यक्रम में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि प्रभु की कृपा, तथा गुरुओं के आशीर्वाद से हम इस धरा पर हैं। गुरु पूर्णिमा पर्व गुरु के प्रति सम्मान व समर्पण भाव को व्यक्त करता है। अपने कर्तव्य और आत्मबोध को समझ सकें उसके लिए जिन्होंने हमें ज्ञान दिया, बोध कराया उनको सदैव स्मरण करें। उन्होंने कहा कि गुरु के साथ मन, बुद्धि, वाणी, व्यवहार एवं संकल्प से एकाकार हो जाना तथा उन जैसी दिव्य चेतना के साथ जीवन को जीना ही उनका सच्चा दर्शन है।
संन्यास दीक्षा कार्यक्रम में विद्वान भाइयों और विदुषी बहनों को वीआईपी घाट हरिद्वार में स्नान कराकर वेद मन्त्रों के बीच विरजा होम और मुण्डन संस्कार किया गया। तत्पश्चात शिखासूत्र व यज्ञोपवीत पतित पावनी मां गंगा के पावन जल में विसर्जित कर संन्यासी भाइयों और साध्वी बहनों को भगवा वस्त्र प्रदान किए गए व पवित्र संन्यास का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम में भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एन.पी. सिंह, पतंजलि फूड्स लि. के एम.डी. रामभरत, पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति डॉ. महावीर, पतंजलि विश्वविद्यालय की कुलानुशासिका एवं संकायाध्यक्षा मानविकी तथा प्राच्य अध्ययन संकाय डॉ. साध्वी देवप्रिया , आचार्यकुलम् की उपाध्यक्षा बहन ऋतम्भरा शास्त्री अहित अनेक महानुभाव उपस्थित रहे।