03HREG406 अब यूसीसी ड्राफ्ट पढ़ने का नाटक कर रही कांग्रेस : महेन्द्र भट्ट
देहरादून, 03 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सामान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर कांग्रेस के रवैये को नाटक बताते हुए कहा कि पहले सवाल और अब ड्राफ्ट पढ़ने की बाद समझ से परे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने कहा कि भाजपा सरकार देश के साथ प्रदेश में लगातार जन हित के फैसले ले रही है और सत्ता में रहते राज्य में भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की कार्यशाला चलाने वाली कांग्रेस इस विषय पर जारी राय शुमारी में भागीदारी के बजाय भ्रम फ़ैला रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा कि कांग्रेस प्रभारी से लेकर सभी वरिष्ठ नेता पहले ड्राफ्ट को पढ़कर उस पर कुछ कहने की बात कर रहे है वहीं दूसरी तरफ हो हल्ला भी कर रहे। कांग्रेस मामले को लेकर अभी से भ्रम फैलाकर विरोध की जमीन तैयार कर रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष सहित अन्य नेताओं के वक्तव्य को दुखद बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी साफ कर चुके हैं कि यूसीसी के आने से किसी धर्म या समुदाय के रीति रिवाज नही बदलेंगे। सभी के लिए समान कानून होगा। ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 2.31 लाख लोगों की राय ली गई। इसमें धर्म, समुदाय और हित धारकों की राय ली गयी। उत्तराखंड में सभी समुदाय एवं जनजातियों के रीति रिवाजों पर भी विस्तृत विचार हुआ है। साथ ही देश के अलग-अलग राज्यों में जो प्रथा चल रही है उसका भी कमेटी ने अध्ययन किया है। ड्राफ्ट का कानूनी रूप से परीक्षण होगा।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस का मंतव्य साफ हो चुका है। उसे किसकी चिंता है यह जनता जानती है। उसका तुष्टिकरण का चेहरा पहले भी बेनकाब हो चुका है। राज्यवासी राज्य मे समान कानून चाहते हैए लेकिन कांग्रेस मुद्दे पर भड़काने का काम कर रही है और इससे वह जनभावनाओं का अनादर भी कर रही है।
उन्होंने कहा कि यूसीसी को लेकर पहले तमाम अफवाह फैलाकर अब पहले ड्राफ्ट को पढ़ने की कांग्रेस नेताओं की नौटंकी जनता समझती है। उन्होंने कहा कि जब इस मुद्दे पर जनता और सभी समुदायों से राय शुमारी की जा रही थी तो तब कांग्रेस के यह नही समझ में नहीं आया कि उसे इस पर क्या करना है और मुद्दे से भाग खड़ी हो गई। उसने सर्वदलीय आमंत्रण भी अस्वीकार कर दिया। अब फिर जनता के बीच जाकर राय लेने का ढोंग कर रही है जो कि हास्यास्पद है।
भाजपा का इस मुद्दे पर दृष्टिकोण साफ है कि देश में एक कानून की जरूरत है और यह उसके चुनाव घोषणा पत्र का हिस्सा है। भाजपा जनहित के किसी भी मुद्दे पर जनभावनाओं के साथ खड़ी है।