03HREG409 पशुपालन मंत्री ने लंपी बीमारी से बचाव के दिए निर्देश
देहरादून, 03 जुलाई (हि.स.)। पशुपालन मंत्री ने प्रदेश में पशुओं को लंपी जैसे खतरनाक वायरस से बचाने के लिए पशुपालन विभाग को टीकाकरण सहित अन्य प्रभावी कदमों के साथ पूरी तरह से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विभाग के अधिकारियों समस्त जनपदों के अधिकारियों, सीईओ आदि के साथ लंपी त्वचा रोग की रोकथाम और इससे निपटने की तैयारी जैसे विषयों को लेकर एक समीक्षा बैठक की। मंत्री ने टीकाकरण के संबंध में जरूरी निर्देश दिए।बैठक में प्रमुख रूप से विभागीय सचिव बीआर पुरुषोत्तम, निदेशक बीसी कर्नाटक उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष उत्तराखंड ने पशुओं के टीकाकरण में भी कीर्तिमान स्थापित किया था। रिकॉर्ड टीकाकरण से ही कई पशुओं को समय से बचाया जा सका था। वर्तमान में अन्य जिलों के मुकाबले नैनीताल जनपद में इस रोग के अधिक मामले हैं। मंत्री बहुगुणा ने उधमसिंह नगर जिले की टीम के कुछ सदस्यों को नैनीताल स्थानांतरित करने के संबंध में भी निर्देश दिए।
लंपी स्किन डिजीज को गांठदार त्वचा रोग वायरस भी कहा जाता है। यह एक संक्रामक बीमारी है, जो एक पशु से दूसरे पशु को होती है। संक्रमित पशु को बुखार आना, वजन में कमी, आंखों से पानी, लार बहना, शरीर पर दाने निकलना, दूध कम देना, भूख न लगाना इसके मुख्य लक्षण हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि यह बीमारी होने पर संक्रमित पशु को अलग करना और उनके रहने के स्थान को नियमित साफ रखना बेहद आवश्यक है। साथ ही टीकाकरण कराना और पशु चिकित्सक से निरंतर परामर्श लेना भी अनिवार्य है।