गुरु पर भरोसा और समर्पण का भाव रखेंगे तो जीवन सफल हो जाएगाः पंडित प्रदीप मिश्रा

02HREG205 गुरु पर भरोसा और समर्पण का भाव रखेंगे तो जीवन सफल हो जाएगाः पंडित प्रदीप मिश्रा

– कुबेरेश्वरधाम पर गुरु पूर्णिमा उत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब

सीहोर, 2 जुलाई (हि.स.)। भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यधिक सम्मानित स्थान प्राप्त है। गुरु और शिष्य के बीच सबसे बड़ी बात यह है कि गुरु के हर आदेश का पालन करना है। भरोसा, आस्था और विश्वास पक्का होना चाहिए। कोई भी प्रार्थना बेकार नहीं जाती। अपनी आस्था बनाए रखो और डर को परे रखो। जीवन एक रहस्य है, जिसे तुम्हें खोजना है। यह कोई समस्या नहीं जिसे तुम्हें सुलझाना है। अगर तुम यह जान जाओ कि जीना कैसे है तो जीवन सचमुच बेहद आश्चर्यजनक है। गुरु पर भरोसा और समर्पण का भाव रखेंगे तो जीवन सफल हो जाएगा।

यह बात जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में जारी त्रिदिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कही। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस एक अद्भुत संत थे। जब स्वामी जी ने कहा कि गुरु कैसा होना चाहिए। तो संत परमहंस ने कहा कि गुरु पर विश्वास पक्का होना चाहिए। गुरु अपने शिष्य को दो चीज देता है, एक विश्वास और दूसरा उसको विषम परिस्थितियों में उभराने का मंत्र। गुरु को महत्व बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यधिक सम्मानित स्थान प्राप्त है। भारतीय इतिहास पर नजर डालें तो उसमें गुरु की भूमिका समाज को सुधार की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शक के रूप में होने के साथ क्रान्ति को दिशा दिखाने वाली भी रही है। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है। भक्ति कभी समाप्त नहीं होना चाहिए, मनुष्य की इच्छा और आकांक्षा कभी समाप्त नहीं होना चाहिए।

आस्था और विश्वास से होता चमत्कार

पंडित मिश्रा ने इस दौरान यहां आए एक पत्र को पढ़ते हुए कहा कि भगवान के भरोसे और आस्था से चमत्कार होते है, लाइलाज बीमारियों का अंत होता है। महाराष्ट्र नासिक से आए पति-पत्नी का पत्र दिखाते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि नासिक की शोभा माणिक पाटिल ने बताया कि मेरे परिचित को कैंसर हो गया था, हमारे मित्र-परिचित के लिए कुबेरेश्वरधाम से बाबा पर भरोसा कर यहां पर होने वाले रुद्राक्ष को ले गए और बीमारी से मुक्ति मिली।

प्रदीप मिश्रा ने दिए तीन मंत्र

– ऐसे गुरु की तलाश करें, जिसने अपने भीतर का अंधकार को समाप्त कर ज्ञान की ज्योति प्रज्जवलित कर ली हो।

– गुरु और शिष्य के बीच सबसे बड़ी बात ये थी कि गुरु के हर आदेश का पालन करते थे और काम सफल भी हो जाते थे।

– जब तक भगवान शंकर की कृपा नहीं होती तब तक मनुष्य एक कदम भी भगवान की ओर नहीं बढ़ा सकता।

लाखों श्रद्धालुओं ने की प्रसादी ग्रहण

बारिश से राहत मिलने के कारण कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में लाखों की संख्या श्रद्धालु यहां पर प्रवचन और गुरु दीक्षा के त्रिदिवसीय कार्यक्रम में आ रहे है। यहां पर प्रशासन और समिति के द्वारा श्रद्धालुओं के ठहरने के साथ ही अन्य व्यवस्था की है। रविवार को भी करीब ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यहां पर जारी भंडारे में प्रसादी ग्रहण की। सोमवार को भी सुबह से निरंतर भंडारे का क्रम जारी रहेगा। यहां पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को निशुल्क प्रसादी और रुद्राक्ष वितरण जारी रहेगा।

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि कुबेरेश्वरधाम पर हर साल की तरह इस साल भी त्रिदिवसीय गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। सोमवार को पावन पूर्णिमा के अवसर पर सुबह सात बजे बाबा की महा आरती का आयोजन किया जाएगा, इसके पश्चात सुबह आठ बजे से दस बजे तक गुरु दीक्षा प्रदान की जाएगी।