फोर्टिफाइड चावल के रूप में जनता के बीच धीमा जहर परोसने का काम कर रही सरकार: कांग्रेस

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देहरादून, 07 जून (हि.स.)। कांग्रेस ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर कई आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष (संगठन) मथुरा दत्त जोशी और मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों को जड़ से मिटाने की योजना चला रही है। सरकार फोर्टिफाइड चावल के रूप में देश की जनता के बीच धीमा जहर परोसने का काम कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दोनों नेताओं ने कहा कि इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च और नीति आयोग के दो वरिष्ठ सदस्यों ने अपनी रिपोर्ट में सरकार को आगाह किया है कि फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया गया तो एनीमिया और मधुमेह जैसी बीमारियां विकराल रूप ले लेंगी।

मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि इतने पढ़े लिखे अनुभवी साइंटिस्टों के ऑब्जर्वेशन और आपत्ति के बाद भी केन्द्र सरकार देश की जनता के बीच धीमा जहर परोसने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही हम राजनीतिक लोगों की बात को नजरंदाज कर दे और इन आरोपों को पॉलिटिकल एजेंडा समझे, लेकिन सरकार, जो वैज्ञानिक हैं और नीति आयोग के सदस्य हैं जो नीति बनाने का काम करते हैं अगर उनकी आपत्ति को भी नजरअंदाज करके फोर्टिफाइड चावल का वितरण करना चाहती है तो ये निश्चित रूप से बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है।

मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि सरकार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पीडीएस में फोर्टिफाइड राइस वितरण कर रही है। विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों द्वारा कई चेतावनियों के बावजूद फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया गया है। देश के 80 करोड़ लोग इसकी कीमत चुकाएंगे। दसौनी ने दावा किया कि पोषण पर नीति आयोग के राष्ट्रीय तकनीकी बोर्ड सदस्य प्रोफेसर डॉ. अनुरा कुरपड ने उन बच्चों में सीरम फेरिटिन के स्तर में वृद्धि देखी, जिन्हें आयरन-फोर्टिफाइड चावल दिया गया था। सीरम फेरिटिन मधुमेह के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है।

दसौनी ने कहा कि सरकार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पीडीएस में जिस फोर्टिफाइड चावल को दे रही है उसमें 20 एमजी आयरन है। उन्होंने कहा कि भारत की आधी आबादी पर फोर्टिफाइड चावल थोपने के पीछे एक बहुराष्ट्रीय कंपनी का भी एंगल है।