छत्रपति शिवाजी के शासन में नहीं था भ्रष्टाचार, गलती पर मिलता था कठोर दण्ड : आरएसएस

02HREG27 छत्रपति शिवाजी के शासन में नहीं था भ्रष्टाचार, गलती पर मिलता था कठोर दण्ड : आरएसएस

लखनऊ, 02 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के सभी नगरों में हिन्दू साम्राज्यदिनोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर हिन्दू पद पादशाही के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व व कृतित्व का स्मरण किया गया।

यह कार्यक्रम विश्व संवाद नगर के अधीश सभागार में संवाद नगर की ओर से आयोजन किया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लखनऊ दक्षिण के भाग संघचालक सुभाष अग्रवाल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

इस मौके पर सुभाष अग्रवाल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से प्रेरणा लेकर उस समय देश के अनेक भागों में मुगलों से संघर्ष के लिए लोग खड़े हुए। उनके शासन में भ्रष्टाचार नहीं था। गलती करने वालों को कठोर दण्ड दिया जाता था। उनके मामाजी ने भ्रष्टाचार किया, शिवाजी महाराज ने उनको अपने पद से मुक्त किया और अपने देश के बाहर निकाल दिया। बेटे संभाजी ने कुछ अपराध किया, उसे बंदी बनाकर पन्हाल गढ़ भेज दिया। शिवाजी राजे के शासन में नारी का सम्मान था। अपने अद्वितीय पराक्रम, रणनीतिक कुशलता और युद्धशास्त्र की बारीकियों को समझते हुए मुगलों को परास्त किया।

इस अवसर पर सह नगर संघचालक नरेन्द्र मिश्र, नगर सम्पर्क प्रमुख अमरेन्द्र बाजपेई, विश्व संवाद केन्द्र के कार्यालय प्रमुख जागेश्वर, नगर बौद्धिक प्रमुख अवधेा पाण्डेय और नगर व्यवस्था प्रमुख विजय विश्वकर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दीपक ने किया।