मप्रः आयुर्वेद से उपचार के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के चार सदस्य राजस्थान से गिरफ्तार

23HREG383 मप्रः आयुर्वेद से उपचार के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के चार सदस्य राजस्थान से गिरफ्तार

– बुजुर्ग दंपत्ति को धोखा देकर हड़पी जीवनभर की कमाई, पुलिस ने वापस करवाई पाई-पाई

भोपाल, 23 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशन में प्रदेश में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण के लिए मध्य प्रदेश पुलिस निरंतर और सक्रियतापूर्वक कार्य कर रही है। भोपाल की क्राइम ब्रांच ने आयुर्वेदिक उपचार के नाम पर 42 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के चार आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया। पुलिस ने सजगता और तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर फरियादी को संपूर्ण राशि वापस दिलवाकर उन्हें खुशियां लौटाईं। मंगलवार को संपूर्ण राशि मिलने पर फरियादी ने पुलिस कमिश्नरेट पहुंचकर मध्यप्रदेश पुलिस का धन्यवाद व्यक्त कर उनके इस कार्य की सराहना की।

पीड़ित को न्याय मिले, यही पुलिस की प्रतिबद्धताः पुलिस कमिश्नर

पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि आधुनिक समय में सायबर अपराधों के क्षेत्र में सायबर तकनीक का उपयोग कर की जा रही धोखाधड़ी पुलिस के समक्ष एक महत्वपूर्ण चुनौती है। पिछले दिनों 42 लाख रुपये की एक सायबर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जिसमें पुलिस ने एक बुजुर्ग दंपत्ति की जीवनभर की कमाई आरोपियों से वापस करवाई है।

क्राइम ब्रांच सहित पूरी पुलिस टीम ने पूरे मनोयोग से अपराधियों की धरपकड़ करने का काम किया। लगभग 20 दिनों तक मप्र पुलिस की टीम राजस्थान में रही। अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर आरोपियों की पहचान की गई और गैंग के सदस्यों को पकड़ा गया। पुलिस की पूरी टीम को 30 हजार रुपये की राशि से पुरस्कृत कर सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाना ही पुलिस की प्रतिबद्धता है।

मप्र पुलिस का मैं जीवन भर ऋणी रहूंगा – फरियादी

संपूर्ण राशि वापस मिलने पर फरियादी राकेश मोहन विरमानी ने कहा कि उनके लिए यह एक स्वप्न के पूरा होने जैसी स्थिति है। उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। वे लगभग निराशा के गर्त में डूब चुके थे क्योंकि जितनी भी राशि थी, वह उनके प्रॉविडेंट फंड और ग्रेच्युटी की थी और उसी के मासिक ब्याज से उनका घर चलता था। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस का मैं जीवनभर ऋणी रहूंगा क्योंकि यही राशि मुझे बढ़ती उम्र में काम आएगी।

उन्होंने डीजीपी सुधीर सक्सेना, कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र और मध्य प्रदेश पुलिस की टीम के सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जो इस कार्रवाई में शामिल हुए।

आरोपियों ने इस तरह फरियादी को जाल में फंसाया

फरियादी राकेश मोहन विरमानी निवासी बावड़िया कलां भोपाल ने लिखित शिकायत में बताया कि उनकी पत्नी को डीप वैनथ्रोम्बोसिस नाम की बीमारी है, जिसमें पैरों में दर्द होता है व सूजन रहती है। उनका कई जगह उपचार करवाया गया, परंतु आराम नहीं मिला। चार फरवरी 2023 को जब वे अपनी पत्नी के साथ एमपी नगर में आए थे, तब उनकी पत्नी बीमारी के कारण ठीक से चल नहीं पा रही थी, तब वहां खड़े एक युवक ने बताया कि उनकी पत्नी का उपचार मुम्बई के पटेल डॉक्टर से करवाएं। युवक ने उन्हें डॉ. पटेल का मोबाइल नंबर देकर कहा कि डॉक्टर अभी भोपाल में ही हैं। उस युवक ने अपना नाम राजीव बताया।

छह फरवरी से शुरू किया रुपये वसूलने का सिलसिला

कॉल करने पर डॉ. पटेल छह फरवरी को अपने असिस्टेंट के साथ मेरे घर आए। समस्या पूछने के पश्चात डॉ.पटेल ने पत्नी के बांये घुटने पर चाकू से कट लगाया और कुप्पीनुमा वस्तु से कटवाली जगह से कुछ समय मुंह से खींचा। उन्होंने सफेद-पीले रंग का पदार्थ दिखाया और कहा कि यह पदार्थ जहर है, जिसके कारण खून की सप्लाई नहीं हो रही है और पैरों में सूजन आती है। उन्होंने कहा यह प्रक्रिया बहुत खतरनाक है और यह प्रक्रिया करने के वे प्रति गतिविधि 6000 रुपये चार्ज करेंगे।

354 बार दिया थैरेपी का धोखा

उनकी स्वीकृति के बाद डॉ.पटेल ने 152 बार और बाद में 202 बार यह प्रक्रिया अपनाई। इस प्रकार 354 बार थैरेपी कर उन्होंने उनसे 21,54,000 रुपये फीस के रूप में लिए। इसके बाद उन्होंने तेल और दवाई आदि के लिए समय-समय पर थोड़े-थोड़े कर लगभग 21 लाख रुपये और मांगे। 23 फरवरी को डॉ.पटेल का कॉल आया कि वे 27 फरवरी को भोपाल नहीं आ पाएंगे, लेकिन वे जल्द भोपाल आकर पूरे पैसे वापस कर देंगे। इसके बाद से ही डॉ.पटेल, राजीव और उनकी कंपनी संजीवनी आयुर्वेदिक का फोन स्विच ऑफ होने पर फरियादी ने इस की शिकायत पुलिस से की। उन्होंने बताया कि डॉ. पटेल ने अपने साथियों के साथ मुझसे कुल 42 लाख 73 हजार रुपये की ठगी की है।

जोधपुर में आरोपी को धरदबोचा

विरमानी की रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 420 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अनूप कुमार उईके, टीम के साथ राजस्थान के जोधपुर पहुंचे। पुलिस खाता धारक आरोपी विशाल पुत्र मेघदान को पकड़ने के लिए जोधपुर जिले के झंवर थाना अंतर्गत नावास पहुंची। विशाल के ना मिलने पर अन्य खाताधारक आरोपी जयपुर जिले के आमरसर थाना क्षेत्र निवासी सावरलाल जाट पुत्र हनुमान सहाय (27 वर्ष) की तलाश में जुट गई। पुलिस ने उसे जयपुर के ब्लू सिटी मॉल के सामने से पकड़ा। पुलिस द्वारा आरोपी से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर उसने अन्य आरोपियों के साथ जुर्म करना स्वीकार किया।

गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर अन्य को पकड़ा

विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच भोपाल की 10 सदस्यीय टीम को कोटा रवाना किया गया, जहां टीम ने एक सप्ताह तक रुककर आरोपियों के संबंध में गोपनीय रूप से पतारसी की। इस दौरान पुलिस की टीम ने गैंग के तीन और सदस्यों मोहम्मद इमरान पुत्र मोहम्मद जमीर उम्र 32 साल निवासी सागोद, कोटा और अंता, कोटा निवासी मो. जावेद पुत्र ईशाक उम्र 47 साल तथा खलील पुत्र अब्दुल जब्बार उम्र 36 साल को गिरफ्तार किया, जिन्हें पुलिस रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है।