सड़क दुर्घटनाओं को रोकथाम के लिए जन आंदोलन जरूरी

21HREG73 सड़क दुर्घटनाओं को रोकथाम के लिए जन आंदोलन जरूरी

देहरादून, 21 मई (हि.स.)। पद्मश्री डॉ. संजय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं विकास में रोड़ा बनने का काम कर रही हैं। हर भारतवासी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देकर सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए जन आंदोलन में सहभागी बनें।

रविवार को प्रेस क्लब में पद्मश्री डॉ. संजय ने 7वें सयुंक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत 15 से 21 मई तक चलाए गए अभियान की जानकारी दी। उनका कहना है कि हम सब मिलकर दुर्घटनाओं को कम करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान राष्ट्र निर्माण में दे सकते हैं। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एक जन आंदोलन की आवश्यकता है।

पद्मश्री डॉ. बी.के.एस. संजय ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं ने महामारी का रूप धारण कर लिया है, जिसके मुख्य कारण हैं ओवरस्पीडिंग, ओवरटेकिंग, नींद का अभाव, नशे का प्रभाव। सड़कों पर ओवरस्पीडिंग, ओवरटेकिंग में मोबाइल का प्रयोग आग में घी का काम कर रहा है जो एक व्यावहारिक समस्या है और चालक के व्यवहार में बदलाव लाया जा सकता है।

पद्मश्री डॉ. संजय ने बताया कि वाहन की जितनी ज्यादा गति होती है उतनी ज्यादा क्षति होती है। ऐसे बहुत से नौजवान लोग हैं जिनका भविष्य ही बदल जाता है। बढ़ती हुई सड़क दुर्घटनाएं अपने देश में विकलांगता का मुख्य कारण हैं।

डॉ. संजय ने स्कूल के छात्रों, अध्यापकों एवं कर्मचारियों और जन-समूह से अपने और जनहित में यातायात के नियमों को सीखने और उनका पालन करने की शपथ दिलाई।

इंडिया एवं इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर ऑर्थोपीडिक सर्जन डॉ. गौरव संजय ने बताया कि हर साल लगभग अपने देश में 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं घटती हैं। जिनमें से लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है और अच्छे इलाज के बावजूद भी लगभग इतने ही लोग विकलांग हो जाते हैं। सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारण हैं ओवरस्पीडिंग, ओवरटेकिंग, ओवरलोडिंग। इसके कारण आज वाहन चलाते समय मोबाइल के प्रयोग करने पर सड़क दुर्घटना की संभावना ज्यादा बढ़ जाती हैं और ऐसे में यदि दुर्घटना घटती है तो 40 प्रतिशत लोगों की मौत भी हो जाती है।

उन्होंने यह भी बताया कि यदि चौपहिया वाहन चालक यदि सीट बैल्ट नहीं लगाते हैं तो दुर्घटनाओं से होने वाले खतरों की संभावना 70 प्रतिशत बढ़ जाती है। डॉ. गौरव संजय ने सड़क सुरक्षा के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कोई भी सड़क दुर्घटना होने पर हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।