श्मशान घाट का रास्ता बनने से ग्रामीणों को राहत

09HREG116 श्मशान घाट का रास्ता बनने से ग्रामीणों को राहत

-ग्रामीणों ने प्रमुख रमोला का जताया आभार, 3.75 लाख से तैयार पैदल रास्ता

नई टिहरी, 09 मई (हि.स.)। प्रतापनगर क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक गांवों के श्मशान घाट बिलयार का संपर्क मार्ग निर्माण आजादी के 75 साल बाद ब्लाक प्रमुख प्रदीप चंद रमोला के प्रयासों से पूर्ण हुआ है। ग्रामीणों सहित ग्राम प्रधानों ने इसके लिए प्रमुख रमोला का आभार जताया है। संपर्क मार्ग न होने के चलते ग्रामीणों को जान हथेली पर रखकर शवों को घाट पर पहुंचाना पड़ता था।

प्रतापनगर वासियों में क्षेत्र पंचायत सदस्य आरती कलूड़ा, निर्मला रावत, विजय सिंह रावत ,अनिल रावत , प्रधान चंद्रशेखर पैन्यूली, कपिल जोशी, भीमदत्त सेमवाल , हेमराज राणा ने प्रमुख रमोला का आभार जताते हुए कहा कि सिरकोली से बिलयार शमशान घाटी का पैदल मार्ग निर्माण की मांग स्थानीय लोग दशकों से करते आ रहे थे, लेकिन कभी इस पैदल मार्ग की ओर किसी ने इसलिए ध्यान नहीं दिया, क्योंकि इस मार्ग के निर्माण से किसी के हित पूरे नहीं होते थे, लेकिन बीडीसी में जब यह मांग रखी गई तो प्रमुख प्रदीप चंद रमोला ने इसे गंभीरता से लिया।

लगभग सात दशक बाद इस मार्ग के निर्माण के लिए पंचायती राज विभाग के माध्यम से जिला योजना के तहत 3.75 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करवाई। धनराशि स्वीकृत होने के बाद इस पैदल मार्ग का निर्माण पूरा होने पर लोगों ने प्रमुख का आभार जताया है। पैदल मार्ग बनने से अब पट्टी भदूरा, ओण, रौणद के रमोला गांव, डांग, खरोली, जाखणी, क्यारी, रौणिया, बौंसाड़ी सहित तीन दर्जन गांवों के लोगों को राहत मिलेगी।

प्रमुख प्रदीप चंद रमोला का कहना है कि बिलयार श्मशान घाट पैदल लार्ग 1952 में लम्बगांव-भल्डियाण मोटर मार्ग निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। अब इस मार्ग को आवाजाही के लिए तैयार कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों में बहुत राहत हैं।