बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता-पिता और शिक्षकों की बराबर की भूमिका : दीपक तायल

07HREG89 बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता-पिता और शिक्षकों की बराबर की भूमिका : दीपक तायल

ऋषिकेश ,07 मई (हि.स.)। जाति राम अग्रवाल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के व्यवस्थापक डा. दीपक तायल ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए माता-पिता और शिक्षकों की बराबर की भूमिका होती है।

यह विचार दीपक तायल ने रविवार को जातीराम अग्रवाल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर आदर्श नगर, ऋषिकेश में अभिभावक सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि शिक्षण के साथ-साथ संस्कारों का भी महत्व है, जो सरस्वती शिशु मंदिर मैं बच्चों को दिए जा रहे हैं। विद्यालय के हित में अनेक सुझाव दिए गए।

विद्यालय के व्यवस्थापक डॉ दीपक तायल ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए माता-पिता व शिक्षकों की बराबर की भूमिका होनी चाहिए। रामकृष्ण पोखरियाल राष्ट्रीय स्काउट ट्रेनर कहा कि भारतीय संस्कृति के विकास के योगदान में विद्या भारती के सभी संस्थान अग्रसर हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य गुरु प्रसाद उनियाल ने कहा कि विद्यालय व अभिभावकों के बीच समन्वय बना रहेगा तभी बच्चों का सर्वांगीण विकास होना निश्चित है।

इसमें प्राइमरी विंग्स से पांचवीं तक के भैया बहनों के सर्वांगीण विकास के अनेक बिंदुओं पर चर्चा की गई। इसमें शिक्षण, गृह कार्य,भोजन, नई तकनीकी, मोबाइल का प्रयोग, अनुशासन, उपस्थिति, वेशभूषा आदि मुख्य बिंदु थे।

इस कार्यक्रम में सभी प्राइमरी विंग्स के अभिभावक, आचार्य परिवार आदि उपस्थित रहे।