21HREG372 मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण प्रकोष्ठ गठन को मिली स्वीकृति
देहरादून, 21 अप्रैल (हि.स.)। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने मानव और वन्य जीव संघर्ष को रोकने के लिए राज्य में मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान कर दी है।
राज्य में प्रस्तावित यह प्रकोष्ठ राज्य के प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं प्रमुख वन्य-जीव प्रतिपालक के कार्यालय में स्थापित होगा और उनके सीधे नियत्रंण अधिन होगा। प्रकोष्ठ में इसके लिए विभागीय अधिकारियों के साथ मानव वन्यजीव संघर्ष के जानकार और शोधकर्ताओं की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
प्रकोष्ठ के क्रियाशील होने के उपरान्त मानव वन्य और जीव संघर्ष की घटनाओं का निवारण संकलन किया जा सकेगा। किसी घटना की दशा में अनुग्रह राशि के भुगतान का अनुश्रवण व पीड़क वन्य जीव को ट्रैप किया जा सकता है। अन्तिम विकल्प के तौर पर मारने की अनुज्ञा व ऐसी घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण के साथ देश-विदेश में इनसे निपटने के अभिनव प्रयासों की समग्र जानकारी व समीक्षा/मूल्यांकन के कार्य आसान हो सकेंगे।
बताया गया कि मानव वन्यजीव संघर्ष निवारण निधि की स्थापना से संघर्ष की किसी दशा में सरकारी नियमों के तहत देय अनुग्रह राशि के भुगतान की प्रक्रिया के नियमित अनुश्रवण व मूल्यांकन कर संबंधित पक्षों के साथ इसको साझा करने में आसानी हो सकती है।