18HREG408 गुरु की कीर्ति को बढ़ा रहे हैं स्वामी अमृतानन्द और स्वामी अन्नतानंद : श्रीमहंत रविन्द्रपुरी
हरिद्वार, 18 अप्रैल (हि.स.)। योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि भक्ति से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। श्रीमद् भागवत ज्ञान व भक्ति का अपार सागर है। कथा से मिले ज्ञान को आचरण में धारण करने से कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
स्वामी भूतपवाला स्थित नवनिर्मित जगदीश स्वरूप आश्रम में श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ की समाप्ति एवं मूर्ति स्थापना समारोह के अवसर पर आयोजित संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। स्वामी रामदेव ने स्वामी अमृतानंद एवं स्वामी अनन्तानंद को बधाई देते हुए कहा कि नवनिर्मित जगदीश स्वरूप आश्रम सेवा का प्रमुख केंद्र बनेगा।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी विद्यानन्द महाराज विद्वान एवं तपस्वी संत थे। स्वामी अमृतानंद एवं स्वामी अनन्तानंद जिस प्रकार अपने गुरु की कीर्ति को बढ़ा रहे हैं। वह सभी के लिए प्रेरणाप्रद है।
निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि गुरु शिष्य परंपरा अनादि काल से भारतवर्ष में चली आ रही है। शिष्य अपने गुरु के बताए मार्गों का अनुसरण कर सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार में योगदान दें। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अटल पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी विश्वात्मानंद महाराज ने कहा कि मानव उत्थान में संत समाज निर्णायक भूमिका निभा रहा है। गरीब निसहाय निर्धन परिवारों को मदद करने से ईश्वरीय कृपा की प्राप्ति होती है।
महामंडलेश्वर ब्रह्म कुमार स्वामी ने कहा कि सनानत धर्म संस्कृति की विशेषताओं से प्रभावित होकर विदेशी भी इसे अपना रहे हैं। संत समाज द्वारा चलाए जा रहे सेवा प्रकल्पों से ही समाज को गति मिलती है। महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज, कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज एवं पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी महाराज ने स्वामी अमृतानंद एवं स्वामी अनन्तानंद को आश्रम निर्माण पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्कृति व ज्ञान की गतिविधियां आश्रम में संचालित रहेंगे।
स्वामी अमृतानंद ने सभी संत महापुरुषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु से मिले ज्ञान का अनुसरण करते हुए सेवा प्रकल्पों के माध्यम से समाज उत्थान में निरंतर योगदान कर रहे हैं।पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने भी अपने संदेश के माध्यम से स्वामी अमृतानंद व स्वामी अन्नतानंद को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने किया।
स्वामी हरिवल्लभ दास शास्त्री, महंत जसविन्दर सिंह, महंत रूपेंद्र प्रकाश, बाबा हठयोगी, महामंडलेंश्वर स्वामी अन्नतानंद महाराज, महंत रघुवीर दास, महंत विष्णु दास, महंत सूरज दास, महंत दुर्गादास, स्वामी ललितानंद गिरी, सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरुषों ने स्वामी अमृतानन्द व स्वामी अन्नतानंद को बधाई व शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर पंजाब पुलिस के अधिकारी डा.शरद एस.चौहान, मुख्य यजमान विनोद कुमार सिंघल, मौजूद रहे।