17HREG174 प्रदेश के 38 लाख बच्चों को दवाई खिलाने की मुहिम का शुभारंभ
देहरादून, 17 अप्रैल (हि.स.)। स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत प्रदेश भर के 38 लाख बच्चों को दवाई खिलाने की स्वास्थ्य विभाग की मुहिम को सोमवार को वर्चुअल माध्यम से बीएस नेगी राजकीय इंटर कालेज गुजराडा में उद्घाटन किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई गई।
स्वास्थ्य मंत्री डा.धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेशभर में आज से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस और 20 अप्रैल 2023 को मॉप-अप दिवस का आयोजन होगा। राज्य के सभी 13 जनपदों में किया जा रहा है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम-अप्रैल 2023 चरण के दौरान राज्य के सभी लक्षित 1-19 वर्ष आयु वर्ग के 38.36 लाख बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजॉल प्रशिक्षित शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खिलायी जायेगी। आज किसी कारणवश कृमि नाशक दवा खाने से वंचित रह गये बच्चों को मॉप-अप दिवस 20 अप्रैल को कृमि नाशक दवा खिलाई जायेगी। निजी शिक्षण संस्थानों एवं शहरी, पीएचसी के अतंर्गत अगम्य व मलिन बस्तियों/क्षेत्रों में भी यह अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया राज्य में अब तक हम राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तेरह चरणों का सफल आयोजन कर चुके हैं। पिछले चरण अक्टूबर 2022 में 1-19 वर्ष के 34.27 लाख बच्चों को कृमि नाशक की दवा खिलाई गई थी। अब हमारा लक्ष्य है कि हम राज्य के शत प्रतिशत बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाकर उनको कृमि मुक्त करें और स्वस्थ उत्तराखंड के निर्माण में एक और कदम आगे बढ़ें।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग महिलाओं, किशोर-किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य से जुडे़ विभिन्न स्वास्थ्य और पोषण विषयों पर कार्य करना हमारी प्रमुख जिम्मेदारी हैं। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण सुधार के लिए निरंतर प्रयास करने के बाद भी इस दिशा में और अधिक सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में मौजूद विशिष्ट अतिथि, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने भी स्कूली छात्र-छात्राओं को पेट के कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का स्वास्थ्य विभाग बच्चों व किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है और सतत प्रयासरत है।
उन्होंने कहा,’राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस’ की कई विशेषताएं है जो सराहनीय हैं। पूरी दुनिया में आंगनबाड़ी और स्कूल स्तर पर की जाने वाली कृमि मुक्ति को सराहा गया हैं क्योंकि ये सुरक्षित, आसान और अत्यंत किफायती हैं। हमारे पास शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रूप में एक ऐसी सेना मौजूद है,जो प्रशिक्षण के बाद सुरक्षित और फायदेमंद एल्बेंडाजोल गोली बच्चों को खिला सकते हैं। ’राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस’ में आंगनबाड़ी और स्कूलों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के माध्यम से हम 1 से 19 वर्ष के बच्चों तक पहुंच पायें।
एनएचएम निदेशक डा.सरोज नैथानी ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का आयोजन विगत 2016 से लगातार किया जा रहा है। हम बच्चों को वर्ष में दो बार कृमि नाशक की दवा एल्बेंन्डाजोल अवश्य खिलाएं। दवा पूर्ण रूप से सुरक्षित है। स्वास्थ्य विभाग दवा की गुणवत्ता मानकों को विशेष रूप से सुनिश्चित करती है।
उन्होंने बताया अप्रैल 2023 के चरण के लिए, स्वास्थ्य विभाग द्वारा पर्याप्त गोलियों का क्रय और गुणवत्ता की जांच कराकर, समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों और शिक्षण संस्थानों को उपलब्ध करा दी गई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है। इस कार्य के लिए आवश्यक बजट,सामग्री व संसाधन भी उपलब्ध कराए गए है। लगभग सभी जनपदों में जिला अधिकारियों की अध्यक्षता जिला समन्वय समिति की बैठकें सम्पन्न हो गई है।
कार्यक्रम में निदेशक,स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय डा.सुनिता टम्टा ने कहा कि कृमि मुक्त करने के लिए एल्बेंडाज़ॉल की गोली निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि बच्चों और किशोर/किशोरियों मे कृमि के कारण होने वाले अनीमिया और कुपोषण पर नियंत्रण किया जा सके। प्रतिकूल घटनाओं से निपटने के लिए विभाग की ओर से 108 आपातकालीन सेवा की सभी एम्बुलेंस और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आर.बी.एस.के.) की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कभी-कभी आंत में अधिक कृमि होने के कारण गोली खाने के उपरांत कुछ बच्चों को मामूली प्रतिकूल लक्षण जैसे की जी मिचलाना,पेट में हल्का दर्द या उल्टी, दस्त हो सकते है जो स्वतः कुछ समय में ठीक हो जाते हैं।
इस मौके पर डा.संजय जैन सीएमओ देहरादून,डा.अजय कुमार नगरकर प्रभारी अधिकारी,आ.ई.सी.व मातृ स्वास्थ्य,डा.अर्चना ओझा,प्रभारी अधिकारी-राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम,स्कूल प्रधानाचार्य अनील कुमार रावत एवं राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, एवीडेन्स एक्शन सुनील कुमार मौर्य आदि भी मौजूद रहे।