विदेशी श्रद्धालुओं ने लिया स्वामी कैलाशानंद गिरि से आशीर्वाद

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हरिद्वार, 16 अप्रैल (हि.स.)। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति से हमेशा ही दुनिया को मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। सनातन धर्म संस्कृति की विशेषताओं से पाश्चात्य जगत भी प्रभावित हो रहा है। श्री दक्षिण काली मंदिर में अमेरिका, जापान, थाईलैंड, चीन, आस्ट्रेलिया आदि देशों से आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि प्राचीन ऋषि मुनियों के प्रतिपादित योग और अध्यात्म से जुड़कर ही कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। संत महापुरुषों ने हमेशा ही समाज को ज्ञान और अध्यात्म की प्रेरणा देने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति की विकृतियों से परेशान होकर पाश्चात्य जगत संतों के सानिध्य में आकर सनातन धर्म संस्कृति को अपना रहा है। जो कि भारत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति व अध्यात्म के बल पर शीघ्र ही भारत विश्व गुरु की पदवी पर आसीन होकर पूरी दुनिया का नेतृत्व करेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं को गंगा की महिमा से भी अवगत कराया।

पूर्व कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के संतों ने विश्वस्तर पर सनातन धर्म संस्कृति का जो स्वरूप प्रस्तुत किया है। उससे पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है। महर्षि वेदव्यासानंद ने कहा कि सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति अद्भूत और विश्व में अद्वितीय है।

इस अवसर पर महर्षि स्वामी वेदव्यासानंद, पूर्व कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत, बिहार के व्यवसायी हिमांशु मिश्रा, माया यादव, रजनी चैहान, वासुदेव, अमिका, स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, चरण सिंह आदि मौजूद रहे।