14HREG77 पवित्र छड़ी यात्रा ने त्रिवेणी घाट पर किया गंगा स्नान
ऋषिकेश, 14 अप्रैल (हि.स.)। आदि गुरु शंकराचार्य के सानिध्य में प्रारंभ हुई चारधाम छड़ी यात्रा ने शुक्रवार को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर विधि विधान से गंगा स्नान के बाद मंदिरों के दर्शन किए। इसके बाद मां गंगा की भोग आरती कर भोग प्रसाद लिया गया। इसके बाद छड़ी यात्रा जनता के दर्शनार्थ त्रिवेणी मन्दिर में रखी गई। छड़ी यात्रा अगले दिन सभी आश्रम और मंदिरों में दर्शन देगी। छड़ी यात्रा अक्षय तृतीया को यमुनोत्री पहुंचेगी और गंगा सप्तमी को गंगोत्री पंहुचेगी तथा फिर केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ के लिए रवाना होगी।
षड्दर्शन साधु समाज अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल गिरी महाराज ने बताया कि देव भूमि उत्तराखंड के चारों धाम में छड़ी यात्रा की परंपरा अनादि काल से चली आ रही है। उस समय मात्र तीन अखाड़े ही थे। आवाहन, अटल और महानिर्वाणी, यह तीनों अखाड़े के साधु ही आदि गुरु शंकराचार्य महाराज के साथ ऋषिकेश से बसंत पंचमी को हृषिकेश नारायण देवता की स्थापना करके हरिद्वार व ऋषिकेश त्रिवेणी संगम त्रिवेणी घाट में छड़ी का स्नान कर श्री बद्रीनारायण के लिए रवाना हुई थी। तभी से यह पैदल छड़ी यात्रा की परम्परा है।