08HREG214 वर्तमान युग सनातन धर्म संस्कृति, योग और आयुर्वेद का युग : बालकृष्ण
-धर्म सत्ता के बिना राज सत्ता अधूरी : साक्षी महाराज
हरिद्वार, 08 अप्रैल (हि.स.)। पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि वर्तमान युग सनातन धर्म संस्कृति, योग और आयुर्वेद का युग है और संत सनातन धर्म का गौरव हैं।
बिशनपुर कुंडी स्थित आदियोगी विद्यापीठ आश्रम में आश्रम के परमाध्यम स्वामी आदियोगी महाराज के संयोजन में महायज्ञ के समापन पर हुए संत सम्मेलन में आचार्य बालकृष्ण महाराज ने कहा कि पतंजलि योग आयुर्वेद के साथ धर्म संस्कृति को आगे बढ़ाने में भी योगदान कर रहा है। रामनवमी पर सौ युवा संयासी राष्ट्र को समर्पित कर पतंजलि ने इस दिशा में एक कदम और बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि योग व अध्यात्म के माध्यम से समाज का मार्गदर्शन कर रहे स्वामी आदियोगी महाराज जैसे युवा संत सनातन धर्म का भविष्य हैं। राष्ट्र निर्माण के कार्य में जुटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए महायज्ञ का आयोजन कर स्वामी आदियोगी महाराज ने सराहनीय कार्य किया है। कार्यक्रम का शुभारंभ संतों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में सांसद स्वामी हरि सच्चिदानंद साक्षी महाराज ने कहा कि राजसत्ता धर्म सत्ता के बिना अधूरी है और राष्ट्र की एकता अखण्डता कायम रखने में संत महापुरुषों की हमेशा अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी आदियोगी महाराज द्वारा किए गए अनुष्ठान के फलस्वरूप राष्ट्र निर्माण के कार्य में प्रधानमंत्री मोदी के मार्ग में आ रही बाधाएं दूर होंगी और भारत विश्व गुरु की पदवी पर आसीन होगा। संत समाज पीएम मोदी की दीघार्यु की कामना करता है।
महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति व योग के प्रचार प्रसार में स्वामी आदियोगी महाराज उल्लेखनीय प्रयास कर रहे हैं। स्वामी आदियोगी महाराज ने संतों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की संत परंपरा के माध्यम से पूरे विश्व में प्रसारित हो रहे अध्यात्मिक संदेश से विश्वपटल पर भारत की एक नयी छवि बनी है।
उन्होंने कहा कि संत समाज के मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण के कार्यो को आगे बढ़ाना ही उनके जीवन का लक्ष्य है। कार्यक्रम का संचालन स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने किया।
इस अवसर पर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, रविदेव शास्त्री, महंत दर्शन भारती, महंत रघुवीरदास, महंत सूरज दास, महंत गंगादास उदासीन,एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार, पूर्व संांसद मनोहरकांत ध्यानी आदि सहित अनेक संत व गणमान्य लोग मौजूद रहे।