07HREG57 गुरु के ज्ञान के बिना शिष्य का जीवन कभी सुख मय नहीं हो सकता: बाबा भूपेंद्र गिरी
ऋषिकेश, 07 अप्रैल (हि.स.)। गुरु द्वारा दिए गए ज्ञान के प्रकाश के बिना शिष्य का जीवन कभी सुख मय नहीं हो सकता, क्योंकि गुरु ही अपने शिष्यों को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह विचार शुक्रवार को षड् दर्शन साधु समाज अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और भगवान गिरी आश्रम के पीठाधीश्वर बाबा भूपेंद्र गिरी ने मायाकुंड स्थित भगवान गिरी आश्रम में आयोजित ब्रह्मलीन भगवान गिरी महाराज के 37 वें निर्वाणोत्सव के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थिति जनों को संबोधित करते हुए प्रकट किया।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में गुरु का सबसे ऊंचा स्थान है। गुरु अपने शिष्य को कल्याण मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। गुरु का जीवन जहां अपने शिष्य के प्रति समर्पित रहता है वहीं शिष्य को भी अपने गुरु के प्रति समर्पित रहना चाहिए।
इस दौरान षड् दर्शन साधु समाज अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत गोपाल गिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन भगवान गिरी महाराज ने जहां समाज सेवा को अपना मिशन बनाया, वहीं उन्हें सिद्ध संत के रूप में भी जाना जाता था। उन्होंने पांडव गुफा में वर्षों से ध्यान लगाकर कई प्रकार की सिद्धियां भी प्राप्त की थी। आश्रम में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।