18HREG511 रतलाम: ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का सर्वे करवाकर किसानों को तत्काल दिया जाए मुआवजा
-किसान संघ ने किसानों की समस्याओं को लेकर एसडीएम को ज्ञापन दिया
रतलाम, 18 मार्च (हि.स.)। भारतीय किसान संघ जिला इकाई ने जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से नष्ट फसल का सर्वे करवाकर तत्काल मुआवजा देने की मांग की। सम्पूर्ण जिले में अभी तक सर्वे नहीं हुआ है,जिससे किसानों में असंतोष व्याप्त है। इसके साथ ही सभी तहसीलों में जंगली जानवर, घोड़ारोज और जंगली सुअरों द्वारा पशुओं का नुकसान किया जा रहा है। किसानों को नष्ट की जा रही फसल का भी मुआवजा दिया जाए।
भारतीय किसान संघ केे जिलाध्यक्ष ललित पालीवाल के नेतृत्व में कलेक्टर केे प्रतिनिधि को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में कहा कि सरकार की गलत नीति के कारण फसलों के दाम ओंधे मुंह गिरे है। जो गेंहूं तीन हजार रुपये क्विंटल बिक रहा था वह आज 1700 से 1800 रुपये क्विंटल आ चुका है। हमारे देश में सर्वाधिक किसानों की संख्या दो हैक्टर तक भूमि रखने वालों की है, जो अपनी फसल पकने के तुरंत बाद बेचकर अपना काम चलाते है। वर्तमान सरकार द्वारा 24 लाख टन गेहूं खुले बाजार में लाया गया, जिसके कारण गेहंू के दाम ओंधे मुंह गिरे है , जबकि आटे के दाम नहीं घटे। सरकार की इस व्यवस्था से किसानों में असंतोष है।
ज्ञापन में बताया गया कि आयात-निर्यात नीति किसान हितैषी बनाई जाना चाहिए। किसान सुखी तो देश भी सुखी होगा। कृषि जिंसों के मूल्यों में भारी गिरावट आई है। महंगाई के नाम पर किसानों का शोषण हो रहा है। जिस अनुपात में बाजार में अन्य वस्तुओं के भाव बड़े है उसी अनुपात में कृषि उत्पादनों के मुल्य भी बढऩा चाहिए।
किसानों पर कर्ज 14 प्रतिशत बढ़ा
ज्ञापन में बताया गया कि बजट में कर्ज बढ़ाने की योजना घोषित की गई है, देश में हर फसल केे उत्पादन और खपत के आधार पर आयात-निर्यात नीति बनना चाहिए, ताकि बाजार का संतुलन बना रह सके। कृषि मुल्य सूचकांक कमजोर होने से बाजार सुस्त पड़े हैं। कही ऐसा न हो की सरकार के खिलाफ अराजकता और नाराजगी का माहौल बने। इसलिए जरूरी है आलु-प्याज सहित सभी फसलों का ध्यान रखा जाए।
किसानों को अपनी उपज की लागत पर लाभकारी मूल्य दिया जाए। मध्यप्रदेश गेहूं उत्पादक राज्य है, इसलिए गेंहू पर 500 रुपये का बोनस दिया जाए।
ज्ञापन देेते समय जिला संघ मंत्री जगदीश पाटीदार, जावरा तहसील अध्यक्ष रमेश धाकड़, पिपलौदा तहसील अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, ताल तहसील अध्यक्ष कैलाश कारपेंटर, मंत्री विक्रमसिंह चौहान तथा आम्बा के नंदलाल पाटीदार सहित अनेक किसान तथा किसान संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।