ग्वालियर: बादल गरज-चमक के साथ रिमझिम बरसे, दिन का पारा पांच डिग्री लुढ़का

16HREG467 ग्वालियर: बादल गरज-चमक के साथ रिमझिम बरसे, दिन का पारा पांच डिग्री लुढ़का

ग्वालियर, 16 मार्च (हि.स.)। ग्वालियर में पिछले तीन दिन से मौसम विपरीत बना हुआ है। आसमान में घुमड़ रहे बादल गरज-चमक के साथ रिमझिम बरसकर किसानों की धड़कन बढ़ा रहे हैं। गुरुवार को भी दिन भर घने बादल छाए रहे। इस दौरान दोपहर में रिमझिम बारिश भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच से छह दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। ग्वालियर-चंबल संभाग में अगले 24 घंटे के दौरान भी तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

ग्वालियर में गुजरे मंगलवार को हुई कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश के बाद बुधवार को बादल तो छाए रहे लेकिन बारिश नहीं हुई थी। इसी क्रम में गुरुवार को सुबह से ही घने बादल छाए रहे। दोपहर लगभग 12.30 और फिर एक बजे के बाद शहर में रिमझिम बारिश हुई। इस दौरान 0.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दिन भर घने बादल छाए रहने और बूंदाबांदी होने की वजह से पिछले दिन की अपेक्षा गुरुवार को अधिकतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस लुढ़ककर 29.8 डिग्री सेल्सियस पर ठहर गया जो औसत से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम है जबकि न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 3.5 डिग्री सेल्सियस अधिक है। आज सुबह हवा में नमी 67 और शाम को 53 प्रतिशत दर्ज की गई।

स्थानीय मौसम विज्ञानी सी.के. उपाध्याय के अनुसार वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालय से गुजर रहा है जबकि दूसरा पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के पश्चिमी भाग में एक चक्रवात के रूप में सक्रिय है जो हिमालय की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा राजस्थान के मध्यम भाग में एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों ओर से नम हवाएं आ रही हैं।

इसी कारण ग्वालियर-चंबल संभाग सहित मध्यप्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं बारिश भी हो रही है। आगामी 22 मार्च तक मौसम ऐसा ही बना रहने की संभावना है। अगले 24 घंटे के दौरान भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।