अंतरराष्ट्रीय पशु चिकित्सा और आयुर्वेद संगोष्ठी 17 से

16HREG205 अंतरराष्ट्रीय पशु चिकित्सा और आयुर्वेद संगोष्ठी 17 से

हरिद्वार, 16 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय और दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में 17 से 19 मार्च तक अंतर राष्ट्रीय पशु चिकित्सा और आयुर्वेद संगोष्ठी कर रहा है।

आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुनील जोशी ने गुरुवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता में बताया कि उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय का यह प्रथम प्रयास है, जिसमें पशु चिकित्सा में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की क्या भूमिका हो सकती है, इसका साइंटिफिक विवेचन करने के लिए देश-विदेश से 200 से अधिक साइंटिस्ट, आईआरवी के देश के 19 केंद्रों से विशेषज्ञ, वेटरनरी शिक्षा बरेली के संस्थान, वेटनरी डॉक्टर, पशु पालन के लिए एक्सपर्ट, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से जुड़े 20 से अधिक आयुर्वेदिक कॉलेजों के छात्र, पीजी एवं पीएचडी शोधार्थी रिसर्च स्कॉलर्स, पशु आधारित आर्थिक समृद्धि हेतु आयुर्वेदिक पशु औषधियां से जुड़े लगभग 2000 से अधिक व्यक्ति समाजसेवी साइंटिस्ट छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं।

इस कार्यक्रम के माध्यम से भविष्य में बहुत बड़ी संभावनाएं रहेंगी कि किस प्रकार आयुर्वेद के जरिए पशु चिकित्सा के क्षेत्र में भी रोजगार सृजन और स्वास्थ्य संवर्धन के लिए पशु चिकित्सा में भी आयुर्वेद का योगदान परिभाषित किया जा सकता है। इस पहल के माध्यम से भविष्य में उसके लिए पाठ्यक्रम भी यूनिवर्सिटी एवं सरकार के प्रयास से चलाए जा सकते हैं। इसके लिए एक अनूठा कार्य उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय एवं दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति की तरफ से किया जा रहा है।

कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी प्रचार-प्रसार प्रमुख डॉ राजीव कुरेले ने बताया कि पशु कल्याण एवं पशु आधारित वैज्ञानिक उत्पादों पर एक विशाल प्रदर्शनी भी उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय एवं विभिन्न प्रतिभागी संस्थाओं द्वारा लगाई जाएगी।