स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने को मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर विशेष फोकस की जरूरत : राज्यपाल

11HREG109 स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने को मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर विशेष फोकस की जरूरत : राज्यपाल

-क्षमतावान महिलाओं के बूते आएगी आर्थिक परिवर्तन की क्रांति

देहरादून, 11 मार्च (हि.स.)। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की स्थानीय उत्पादों की मांग देश ही नहीं विदेशों में भी है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं की अथक मेहनत काबिले तारीफ है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हमें मार्केटिंग, पैकेजिंग, रिटेल-होलसेल मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर विशेष फोकस करना जरूरी है।

शनिवार को राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) से लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में देश के विभिन्न प्रदेशों से आयीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने मुलाकात के मौके पर यह बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया।

देश के विभिन्न प्रदेशों से आयीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने कार्यों के संबंध में अपने-अपने अनुभव साझा किये। महिलाओं ने बताया कि वे विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आजीविका एवं आर्थिक संवर्धन और अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण और प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही हैं। इसमें महिलाएं पशुपालन, कृषि, डेयरी, बैंकिंग, प्रशिक्षण सहित अन्य क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कार्य कर रही हैं।

राज्यपाल स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के कार्यों से बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने महिलाओं की सफलता की कहानी सुनकर बताया कि ऐसी क्षमतावान महिलाओं के बूते निश्चित ही आर्थिक परिवर्तन की क्रांति आएगी। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से देश की आर्थिक समृद्धि में बढ़ोतरी हो रही है। नारी शक्ति की क्षमता के बल पर देश में समृद्धि, खुशहाली व विकास होना निश्चित है।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में भी स्वयं सहायता समूह बेहद सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं सभी जिलों में इन समूहों के कार्यों को करीब से देखा है। यहां के स्थानीय उत्पाद बेहतर हैं जिनकी डिमांड विश्वभर में है। ऐसे उत्पादों को लोकल से ग्लोबल तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने विभिन्न प्रदेशों से आयीं महिलाओं के कार्यों की सराहना की।

इस दौरान प्रशासनिक अकादमी की विशेष निदेशक राधिका रस्तोगी और संयुक्त निदेशक सौजन्या भी उपस्थित रहीं।