उत्तराखंड के समग्र विकास और समृद्धि में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें : रविन्द्र पुरी

हरिद्वार, 09 नवंबर (हि.स.)। एसएमजेएन पीजी कॉलेज में उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर दिवस पर प्राचार्य प्रो. सुनील बत्रा तथा अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी द्वारा कॉलेज में निर्मित शौर्य दीवार पर शहीदों को नमन कर कॉलेज के व्याख्यान कक्ष में माँ सरस्वती की वन्दना कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसके टिब्बरवाल सीए रहे।

इस अवसर पर कॉलेज प्रबन्ध समिति व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहन्त रविन्द्र पुरी का संदेश प्राचार्य डॉ. सुनील बत्रा ने सुनाया। श्रीमहन्त ने राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए अपने बधाई संदेश में कहा कि आन्दोलनकारियों के बलिदान और साहस के बिना उत्तराखण्ड राज्य के सपने को साकार करना सम्भव नहीं था। कहा कि प्रगति के पथ पर अग्रसर, प्राकृतिक सम्पदा और नैसर्गिक सौन्दर्य से भरपूर यह प्रदेश ऐसे ही विकास की नित नई ऊंचाईयों को छूता रहे। उन्होंने युवाओं से प्रदेश के विकास में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि सभी प्रदेश के समग्र विकास और समृद्धि हेतु अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें।

प्राचार्य डॉक्टर कुमार बत्रा ने कहा कि आज उत्तराखंड राज्य को बने हुए 23 वर्ष बीत चुके हैं और यह राज्य स्थापना दिवस एक अवसर लेकर आया है कि यह युवा राज्य अपने आने वाले भविष्य को संवारने के लिए सभी उपक्रम करें।

मुख्य अतिथि एसके टिबरवाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य और उसके निवासियों में देश प्रेम और बलिदान कूट-कूटकर भरा हुआ है और सही अर्थों में यह राज्य पूरे देश का मस्तक है यह इस राज्य के प्रत्येक निवासी का कर्तव्य है कि वह अपने तन मन धन से इस राज्य की सेवा करें।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग प्रस्तुति भी दी गई। अन्नया भटनागर द्वारा एक नृत्य नाटिका का प्रदर्शन किया गया और गौरव बंसल द्वारा रामायण का संगीत पूर्ण मंचन किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. मन मोहन गुप्ता, प्रो. जगदीश चन्द्र आर्य, विनय थपलियाल, डॉ. सुषमा नयाल, वैभव शर्मा, डॉ. विजय शर्मा, डॉ. रजनी सिंघल, डॉ. पल्लवी राणा, डॉ. मिनाक्षी शर्मा, डॉ. विनीता चौहान, साक्षी गुप्ता, शाहिन, दिव्यांश शर्मा, मोहन चन्द्र पाण्डेय आदि उपस्थित थे।