प्रधानमंत्री ने ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ शुरू कर गुरु शिष्य परंपरा को बढ़ावा दिया है : कपिल मोरेश्वर पाटिल

17HNAT29 प्रधानमंत्री ने ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ शुरू कर गुरु शिष्य परंपरा को बढ़ावा दिया है : कपिल मोरेश्वर पाटिल

देहरादून, 17 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय पंचायतीराज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने कहा कि ”पीएम विश्वकर्मा योजना” से गुरु शिष्य परंपरा को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने दादा, पिता और बेटे की परंपरागत और विरासत में मिले व्यवसाय को मुख्यधारा में लाने का काम किया है। इस योजना से देशभर में करीब 30 लाख पारंपरिक कारीगरों को फायदा मिलेगा।

रविवार को हिमालयन कम्युनिटी सेंटर, गढ़ी कैंट में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर “पीएम विश्वकर्मा योजना” लोकार्पण का सीधा प्रसारण किया गया। इसे लगभग 800 कारीगरों, एमएसएमई, गैर सरकारी संगठनों, एसएचजी ने सजीव देखा।

इस मौके पर केंद्रीय पंचायतीराज राज्य मंत्री ने बतौर मुख्य अतिथि कपिल मोरेश्वर पाटिल ने प्रदेश भर से आए शिल्पकार कारीगरों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे देश में गुरु शिष्य के रूप में रोजगार मिलता था, लेकिन पहले कहीं ना कहीं ध्यान नहीं दिया गया। अब उस काम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज मुख्यधारा में लाने का काम किया है। पहले दादा फिर पिता और पोता विरासत में मिले अपने काम काम को संभालते थे। यह गुरु शिष्य परंपरा थी।

उन्होंने कहा कि देश 11वीं अर्थव्यवस्था से अब पांचवी अर्थव्यवस्था के पायदान पर आ गया है। प्रधानमंत्री देश को तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को लेकर काम कर रहे हैं। अब अर्थव्यवस्था 03 पायदान पर लाने के लिए विश्वकर्मा भाई का योगदान निश्चित मिलेगा ऐसा पूरा विश्वास है।

उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना से 18 व्यवसायों से जुड़े लोगों को फायदा होगा। इसके लिए 13 हजार करोड़ का आउटलेट बनाया गया है। विश्वकर्मा साथियों के लिए प्रशिक्षण-टूल्स बहुत जरूरी है। इस दौरान भी उन्हें रोज 500 रुपये भत्ता सरकार की तरफ से दिया जाएगा। टूलकिट के लिए 15 हजार का वाउचर भी मिलने के साथ ही मेक इन इंडिया औजार होगा।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना पर 2027-28 तक 13,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना में देशभर में करीब 30 लाख पारंपरिक कारीगरों को फायदा मिलेगा। योजना के अंतर्गत कारीगरों और शिल्पकारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने एक सवाल पर कहा कि भारत सोने की चिड़िया थी और उसी राह पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। 17वीं सदी के साथ 21वीं सदी भी भारत का ही होगा।

इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि उद्योग के औद्योगीकरण के कारण पारम्परिक कारीगर और शिल्पकार पिछड़ गए थे, लेकिन अब विश्वकर्मा योजना ऐसे कारीगरों के जीवन को बदलने का काम करेगी।

मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि यह योजना शिल्पकारों और अन्य कारीगरों से जुड़े बड़े वर्ग के लिए गेम चेंजर साबित होने वाली है। इससे न केवल उनकी आजीविका में वृद्धि होगी। साथ देश के विभिन्न पारंपरिक एवं सांस्कृतिक विरासत में बढ़ोतरी होगी। आधुनिक तकनीकी का भी अपने काम में इस्तेमाल कर सकेंगे इससे आर्थिक रूप से वे काफी मजबूत होंगे।

इस मौके पर टिहरी लोकसभा सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, प्रदेश कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित तमाम पार्टी पदाधिकारी और सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मौजूद शिल्पकारों और अन्य कारीगरों ने पीएम विश्वकर्मा कौशल विकास योजना की सराहना करते हुए कहा कि अब आसानी से लोन भी मिल सकेगा।

कार्यक्रम में विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी और केंद्रीय लोनिवि के कई अधिकारी मौजूद रहे।