जैन धर्म के महापर्व पर्वराज पर्युषण उत्तम क्षमा के साथ 19 से शुरू

18HREG355 जैन धर्म के महापर्व पर्वराज पर्युषण उत्तम क्षमा के साथ 19 से शुरू

-इस बार रथ यात्रा में विशेष आकर्षण ऐरावत हाथी होगी

देहरादून, 18 सितंबर (हि.स.)। जैन धर्म के महापर्व पर्वराज पर्युषण की शुरुआत 19 सितंबर (मंगलवार) से पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म के रूप में मनाने के साथ शुरुआत होगी। इस दौरान अनुयायियों की ओर से अभिषेक पूजन पाठ कर क्षमा धर्म पर जागरूक किया जाएगा।

प्रिंस चौक स्थित जैन धर्मशाला में उत्सव समिति के संयोजक संदीप जैन ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिगंबर जैन पंचायती मंदिर और जैन भवन में स्थित जैन मंदिर में पूज्य माताजी के सानिध्य में दसलक्षण महामंडल विधान का भव्य आयोजन होगा। साथ ही आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर ,माजरा में पूज्य क्षुल्लक रत्न 105 समर्पण सागर महाराज के सानिध्य में संगीतमय समवशरण महामंडल विधान का आयोजन किया जाएगा।

दसलक्षण पर्व में प्रतिदिन शाम को 7 बजे सभी जैन मंदिर में भगवान की महाआरती होगी। दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन,गांधी रोड पर प्रतिदिन शाम को 8 बजे से जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें 19 सिंतंबर से 27 सितंबर से महिला जैन मिलन, वर्णी विद्यालय, जिनवाणी जाग्रति मंच,महावीर पाठशाला,जैन मिलन मूकमाटी, दिगम्बर जैन महासमिति, जैन मिलन माजरा,आदिनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर समिति माजरा, महिला जैन मिलन राजुल की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

23 सिंतबर को भगवान पुष्पदंत स्वामी के मोक्ष कल्याणक पर्व पर प्रातः 8.30 बजे सामूहिक निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। 24 सितंबर को धूपदशमी पर्व पर सभी जिन मंदिरों में धूप खेवन होगा।28 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर्व पर भगवान वासुपूज्य स्वामी के निर्वाण कल्याणक पर भगवान को सामूहिक निर्वाण लाडू प्रातः 8.30 बजे चढ़ाया जाएगा। भव्य शोभायात्रा सुबह 10.30 बजे दिगंबर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन गांधी से प्रारम्भ होगी जो कि तीर्थंकर महावीर चौक से झंडा बाजार जैन मंदिर, अखाड़ा मोहल्ला, मोती बाजार, कोतवाली, पल्टन बाजार, घंटाघर, पंचायती मंदिर, सरनीमल बाजार, डिस्पेंसरी रोड, सर्राफा बाजार, पीपल मंडी, राजा रोड से प्रिंस चौक होते हुए वापस जैन भवन पर पहुंचेगी।

रथयात्रा में विशेष आकर्षण प्रथम बार नये स्वरूप में ऐरावत हाथी होगा। जिसपर धनकुबेर रत्नवर्षा करते हुए विराजमान होंगे। एक अक्टूबर को जैन मिलन की ओर से दिगंबर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन, गांधी रोड पर सामूहिक क्षमा वाणी पर्व मनाया जाएगा।

पर्युषण पर्व में अनुयायी पापों को काटते हैं –

जैन भवन में चतुर्मास कर रही पूज्य आर्यिका आनंदमती माताजी ने कहा कि जैन धर्म में पर्युषण पर्व का विशेष महत्व है। इस पर्व में जैन धर्म के अनुयायी पूजन,व्रत इत्यादि करते हुए अपने पापों को काटते हैं।

अपने कर्मों की निर्जरा करते हैं:-

पूज्य क्षुल्लक रत्न समर्पण सागर महाराज ने कहा कि यह पर्व जैन धर्म का महान पर्व है। दसलक्षण धर्म के दस धर्म उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच,संयम, तप, त्याग, अकिंचन्य, ब्रह्मचार्य नाम से जाने जाते हैं। इस पर्व पर जैन अनुयायी तप, त्याग, पूजा,अनुष्ठान करते हुए अपने कर्मों की निर्जरा करते हैं।

कार्यक्रम में भारतीय जैन मिलन के मुख्य राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नरेश चंद जैन,जैन समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष जैन,जैन भवन के प्रधान सुनील जैन,मनोहर लाल औषधालय के मंत्री पंकज जैन,माजरा मंदिर के उपप्रधान मुकेश जैन,उत्सव समिति संयोजक संदीप जैन,अजित जैन, अमित जैन,मीडिया प्रभारी मधु जैन,अंकुर जैन, नितिन जैन, जिनेन्द्र जैन उत्तराखंड जैन समाज के अध्यक्ष सुखमाल चंद जैन,धार्मिक संयोजक मुकेश जैन रोडवेज उपस्थित थे।