दयारा बटर फेस्टिवल पारंपरिक रूप से गया मनाया

17HREG274 दयारा बटर फेस्टिवल पारंपरिक रूप से गया मनाया

उत्तरकाशी, 17 अगस्त (हि.स.)। करीब 28 वर्ग किलोमीटर में फैले दयारा बुग्याल में बटर फेस्टिवल उच्च न्यायालय के बंदिशों के अनुसार पारंपरिक रूप से मनाया गया है।

गुरुवार को मेले का शुभारंभ समेश्वर देवता के सानिध्य में हुआ। इस दौरान बुग्यालों की वादियों में पांडव नृत्य भी आयोजन किया गया। इसके बाद पशुवा पर अवतरित हुई और स्थानी लोगों को आशीर्वाद दिया। बाद में पारंपरिक रूप से राधा -कृष्ण संग मटकी तोड़ हुई दूध मक्खन की होली खेली गई। इस दौरान बुग्याल की मखमली घास पर रासों नृत्य में ग्रामीण खूब झूमते नज़र आये।

11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दयारा बुग्याल उत्तरकाशी से लगभग 42 किलोमीटर दूर है, यहां के ग्रामीणों द्वारा सदियों से भाद्रपद माह की संक्रांति दूध, मक्खन, मट्ठा की होली खेलकर मनाई जाती है। यहां प्रकृति का आभार जताने के लिए आयोजित किये जाने वाले इस फेस्टिवल को दयारा पर्यटन उत्सव समिति और ग्राम पंचायत बीते कई वर्षों से मनाती आ रही है।

देश-विदेश के पर्यटक इस अनूठे उत्सव का हिस्सा बनते आ रहे हैं, लेकिन इस बार उच्च न्यायालय की गाइड लाइन के अनुपालन बाहरी पर्यटक भले ही दयारा बटर फेस्टिवल के दीदार नहीं हो सके। न्यायालय के बंदिशों के अनुसार स्थानीय लोगों ने बटर फेस्टिवल बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया है।

इस मौके पर दयारा पर्यटन उत्सव समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष मनोज राणा, सचिव सुरेश रतूड़ी, ग्राम प्रधान शुशीला राणा, ग्राम प्रधान महेंद्र पोखरियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य रैथल अंकिता राणा,पंच मालगुजार रैथल गजेन्द्र राणा,पंच मालगुजार नटीन बचन सिंह रावत, पंच मालगुजार क्यार्क शिवेन्द्र सिंह राणा,पंच मालगुजार बन्द्राणी सुन्दर सिंह भण्डारी,पंच मालगुजार भटवाड़ी भगवती नौटियाल, रेंजर रमेश नौटियाल , पर्यटन अधिकारी,वन निगम अधिकारी, पूर्व प्रधान भटवाड़ी संजीव नौटियाल, महिला मंगल दल,युवक मंगल दल एवंसोमेश्वर देवता पलगेर राजकेन्द्र थनवाण मनवीर रावत, पुलिस,बन विभाग, पर्यटन अधिकारी, गढ़वाल मंडल विकास निगम,जल संस्थान आदि मौजूद रहे।