बीमार घोड़े-खच्चरों के संचालन पर प्राथमिकी होगी दर्ज : डॉ. गहरवार

17HREG353 बीमार घोड़े-खच्चरों के संचालन पर प्राथमिकी होगी दर्ज : डॉ. गहरवार

-40 लाख की लागत से होगा रेन शेल्टर का निर्माण

-पशु क्रूरता की रोकथाम को लेकर डीएम ने ली बैठक

रुद्रप्रयाग, 17 अगस्त (हि.स.)। केदारनाथ यात्रा मार्ग में किसी भी दशा में बीमार, घायल, कमजोर व पंजीकरण के बिना घोड़े-खच्चरों का संचालन नहीं होना चाहिए। यात्रा मार्ग में तैनात पशु चिकित्सक, सेक्टर अधिकारी, म्यूल टॉस्क फोर्स टीम को चेकिंग करते हुए इन सब बातों का ध्यान रखकर संबंधित घोड़ा-खच्चर मालिक को नोटिस निर्गत किया जाए। यदि दूसरी बार घोड़े-खच्चर का संचालन करना पाया जाता है तो संबंधित मालिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए। यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों की सुविधा के लिए 40 लाख की लागत से रेन शेल्टर तैयार किया जाएगा।

केदारनाथ यात्रा मार्ग में पशु क्रूरता की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में जिला कार्यालय कक्ष में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें ऑनलाइन के माध्यम से प्रबंधक जी मैक्स, सेक्टर अधिकारी एवं पशु चिकित्सक भी जुड़े रहे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी प्रकार से कोई क्रूरता न हो, इसकी निरंतर निगरानी करने के निर्देश सेक्टर अधिकारियों, म्यूल टॉस्क फोर्स एवं पशु चिकित्सकों को दिए।

उन्होंने सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि यात्रा मार्ग में किसी भी दशा से घायल, बीमार, कमजोर व बिना पंजीकरण के घोड़े-खच्चर का संचालन नहीं होना चाहिए। चेकिंग अभियान के दौरान जो भी घायल व बिना पंजीकरण के घोड़े-खच्चर का संचालन किया जा रहा है तो इसकी जानकारी तत्काल जीमैक्स को उपलब्ध कराई जाए और संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की जाए।

उन्होंने प्रबंधक जी मैक्स को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों का पोर्टल पर पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिसमें घोड़े-खच्चर के मालिक का नाम सहित पूर्ण विवरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यात्रा मार्ग से संचालन के लिए ब्लॉक किया जाए। इसकी जानकारी संबंधित सेक्टर अधिकारियों को मोबाइल एप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जो घोड़ा-खच्चर घायल एवं बीमार है, उनका तब तक यात्रा मार्ग में संचालन न हो जब तक पशु चिकित्सक द्वारा उसका स्वस्थ होने का प्रमाण पत्र निर्गत न किया गया हो। घोड़ा-पड़ाव में घोड़े-खच्चरों की ठीक प्रकार से चेकिंग की जाए और वेट मशीन लगाई जाए। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों के लिए यदि कोई यात्री बीच रास्ते से घोड़े-खच्चर लेना चाहते हैं तो इसके लिए पैदल यात्रा मार्ग में पोर्टेबल व्यवस्था के लिए लगभग 8 जगहों में स्थान चिन्हित की जाए, जिसमें लगभग 5 से 10 घोड़े-खच्चरों की व्यवस्था की जा सके, जिसके लिए रेन शेल्टर भी तैयार किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों की सुविधा के लिए घोडा-पड़ाव में 40 लाख की लागत से रेन शेल्टर तैयार किया जायेगा, जिसके निर्माण के लिए शीघ्र ही धनराशि निर्गत की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत को निर्देश दिए हैं कि गौरीकुंड यात्रा मार्ग में वॉल पेंटिंग कराने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक से अपेक्षा की कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी तरह से कोई पशु क्रूरता न हो, इसके लिए यात्रा मार्ग में तैनात म्यूल टॉस्क फोर्स के माध्यम से निरंतर निगरानी करते हुए यदि किसी घोड़े-खच्चर संचालक एवं मालिक द्वारा घायल, बीमार एवं अनफिट घोड़े-खच्चरों का संचालन किया जाता है तो उसकी विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई त्वरित गति से की जाए। इसके साथ ही यात्रा मार्ग में यदि कोई लावारिश घोड़े-खच्चर पाया जाता है तो अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज की जाए।

इस मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाखा अशोक भदाणे, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, प्रभारी जिलाधिकारी मंजू राजपूत, जिला पंचायत प्रतिनिधि, प्रकाश डसीला एवं ऑनलाइन के माध्यम से प्रबंधक जीमैक्स रोहित सहित सेक्टर अधिकारी मौजूद रहे।