17HREG351 10 वर्षों से काम करने वाले विनियमित कर्मी को रिक्त पद पर किया जाए नियमितः करोसिया
– सफाईकर्मी आयोग अध्यक्ष ने खरगोन में ली अधिकारियों की बैठक
कहा- दैनिक वेतन भोगी को एक माह में दो लाख, विनियमित को 1.25 लाख रुपये का अनुकंपा अनुदान देय होगा
खरगोन, 17 अगस्त (हि.स.)। मप्र राज्य सफाईकर्मी आयोग के (कैबिनेट दर्जा प्राप्त) अध्यक्ष प्रताप करोसिया ने गुरुवार को खरगोन प्रवास के दौरान सफाईकर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों की एक अतिमहत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सफाईकर्मियों के वेतन मानदेय अनुकंपा, पेंशन, आवास, पट्टे तथा उनको जीवन निर्वाह में जो समस्याएं आ रही है। उनसे सम्बंधित शासन के आदेश निर्देशो के तहत व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने पर ज्यादा फोकस किया गया।
करोसिया ने कहा कि उनके पास सफाईकर्मियों के समय-समय पर प्राप्त ज्ञापन और आवेदनों में जो समस्याएं बताई गई है। इस सम्बंध में उनके द्वारा नगरीय क्षेत्रों के अलावा जनजाति कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग में संलग्न सफाईकर्मियों के डेटा तथा उन्हें प्रदाय किये जाने वाले वेतन या मानदेय की जानकारी ली गई। जानकारी के पश्चात करोसिया ने श्रम विभाग द्वारा जारी आदेश के पालन में कलेक्टर पर निश्चित की गई है, दर पर घण्टे के अनुसार वेतन प्रदाय करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, शहरी विभाग अभिकरण परियोजना अधिकारी प्रियंका पटेल, खरगोन सीएमओ एमआर निंगवाल, सीएमएचओ ड़ॉ. एमएस सिसोदिया, जनजाति कार्य विभाग के एबी गुप्ता तथा सभी निकायों के सीएमओ के अलावा सफाई कर्मी ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अध्यक्ष ने सफाईकर्मियों के हितों पर ये दिए निर्देश
सफाईकर्मी आयोग के अध्यक्ष करोसिया ने सभी नगरीय निकायों के सीएमओ को निर्देश दिए कि वर्ष 2022 में शासन द्वारा जारी निर्देशो का पालन करते हुए ऐसे विनियमित सफाईकर्मचारी जो 10 वर्षों से कार्य कर रहे हैं, उन्हें पद रिक्त होने की दशा में एक माह के भीतर नियमित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निकायों में कार्यरत ऐसे दैनिक वेतन भोगी जिनकी मृत्यु हुई है उनके वारिसों को दो लाख तथा विनियमित कर्मी को 1.25 लाख रुपये आवेदन प्राप्त के 7 दिनों के भीतर अनुकंपा अनुदान प्रदान किया जाए। साथ ही ग्रेच्युटी के आवेदन पर मप्र शासन और भारत शासन के नियमो के अनुसार भुगतान करेने के निर्देश दिए गए।
करोसिया ने इसके अलावा इंदौर की तर्ज पर सफाईकर्मियों के लिए लोन मेला आयोजित करने के भी निर्देश दिए। जिसमें वाहन या अन्य व्यवसायिक गतिविधि उपलब्ध कराया जा सके। सफाईकर्मियों की सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों के लिए शहर में ही 10 हजार वर्ग फीट में भवन निर्माण के लिए भूमि चिन्हांकित कर भवन बनाये। इसकी शुरुआत 15 दिनों में प्रारम्भ करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज जन गुगादेव जन्मोत्सव मानते रहे हैं। सभी निकाय उनके मंदिरों के रख रखाव के अलावा साफ सफाई नियमित रूप से कराए। ऐसे सफाई कर्मी जो 25 से 30 वर्षों से जिन आवासों में रह रहे है उन्हें आवास का एक प्रतिशत की राशि लेकर मालिकाना हक प्रदान किया जाए। सफाई कर्मियों को पट्टा धृत्ति नियम के अनुसार पट्टे प्रदान किये जाएं।
ठेकेदारों के साथ बैठक कर कलेक्टर दर की समीक्षा करें
सफाईकर्मी आयोग के अध्यक्ष करोसिया ने ऐसे सभी विभागों को निर्देश दिए है जो ठेके पद्धति पर सफाई कामगार से कार्य लेते है। ठेकेदारों के साथ बैठक कर इस बात की समीक्षा करें कि क्या उन्हें ठेकेदार कलेक्टर दर पर स्वीकृत वेतन प्रदान कर रहें है? साथ ही ईएसआई और ईपीएफ का कटोत्रा हो रहा है या नहीं? क्योंकि विभागों द्वारा ठेकेदारों को भुगतान किया जाता है। फिर ठेकेदार उन्हें राज्य शासन के नियमानुसार भुगतान करते है या नहीं? यह देखना भी सम्बन्धित विभाग का दायित्व है। अध्यक्ष द्वारा इस बिंदु पर विशेष तौर पर जोर दिया गया कि जिले में हाथों और सिर पर मेला ढोने की प्रथा अगर समाप्त हुई है तो ऐसे व्यक्तियों को प्रशिक्षण देकर पुनर्वास करना चाहिए। पीओ डूडा और जिला पंचायत से इस सम्बंध में सूची भी मांगी गई।