19HREG39 अतिवृष्टि से गिरी राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान की सुरक्षा दीवार और पुलिया
ऋषिकेश, 19 अगस्त (हि.स.)। ग्राम सभा खदरी खड़क माफ स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान गढ़ी श्यामपुर के निकट निर्मित सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा बीती रात हुई अतिवृष्टि से ढह गई। इसे बाढ़ से सुरक्षा के लिए ग्राम पंचायत ने निर्मित किया था।
ग्राम प्रधान संगीता थपलियाल ने बताया कि यह सुरक्षा दीवार एक सौ नब्बे मीटर लम्बी और लगभग ग्यारह फिट ऊंची है, जिसकी बुनियाद तीन मीटर चौड़ी है। बीते वर्षों में हल्की सी बारिश के बाद भी गंगाजल स्तर वृद्धि से संस्थान में जलभराव हो जाता था। यह पहला अवसर है जब भारी बारिश में जलभराव से चारों ओर त्राहि त्राहि मची हुई है लेकिन संस्थान की सीमा पर सुरक्षा दीवार बन जाने के बाद पॉलिटेक्निक संस्थान में इस बार अभी तक कोई जलभराव की दिक्कत नहीं आयी है।
जिला गंगा सुरक्षा समिति के नामित सदस्य पर्यावरण विद विनोद जुगलान कहना है कि इतनी मजबूत दीवार होने के बावजूद भी लक्कड़ घाट के खेतों की ओर से भारी बारिश के पानी और दूसरी ओर गंगाजल स्तर बढ़ने के कारण दोनों ओर से भारी मात्रा में पानी आने के कारण दीवार का एक कोना और स्थानीय ग्रामीणों, पंचायत के सहयोग से नव निर्मित पुलिया भी गिर गयी है।
हालांकि गंगा का जलस्तर पुलिया के ह्यूम पाइप्स को बहाकर ले जाने में नाकाम रहा, लेकिन पुलिया बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी है। भारी वर्षात के बाद भी 13 करोड़ की लागत से निर्मित 11 एकड़ क्षेत्रफल पर निर्मित इस सरकारी संपत्ति की सुध लेने को न तो जनप्रतिनिधि आ रहा और न प्रशासन को ही यहां अध्ययनरत छात्रों की चिंता है। लापरवाही का आलम यह है कि वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में ढह गई चहारदीवारी का पुनर्निर्माण आज दस वर्षों बाद भी नहीं हो पाया है।