उपनल का कारोबार और टर्नओवर लगातार बढ़ना प्रसन्नता का विषय है : राज्यपाल

09HREG143 उपनल का कारोबार और टर्नओवर लगातार बढ़ना प्रसन्नता का विषय है : राज्यपाल

देहरादून, 09 जुलाई (हि.स.)। राज्यपाल ने कहा कि उपनल का कारोबार और टर्नओवर लगातार बढ़ना प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से यह संकल्प लेने की भी अपील की कि वे किसी भी प्रकार के गलत कार्य संस्कृति को बढ़ावा न दें, जिससे संस्था का मान-सम्मान प्रभावित हो।

रविवार को गढ़ी कैन्ट में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने उपनल के 19वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिक के आश्रितों के कल्याण के लिए बनी उपनल संस्था का मुख्य उद्देश्य उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना है।

इस संस्था का लाभ प्रत्येक पूर्व सैनिक और उनके परिवारों को मिले, इसके तरीके खोजे जाएं। उपनल में नवाचार और नवीन तकनीकी का इस्तेमाल किया जाए। सभी उपनल कर्मचारी पूरी श्रद्धा और मेहनत से दिए गए दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। इसी सेवाभाव को जारी रखा जाए और संस्था के मान को बढ़ाया जाए।

राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों में प्राकृतिक नेतृत्व क्षमता है। वे शासन एवं प्रशासन को किस प्रकार अपना सहयोग दें इस पर विचार किया जाय। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन, कृषि एवं वेलनेस के क्षेत्र में रोजगार के नवीन अवसर तलाशने के लिए आगे आएं। हमें अपनी ताकत को पहचानते हुए उस क्षेत्र में कार्य करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि उपनल प्रदेश में जीएसटी भुगतान में सर्वाेच्च स्थान पर हैं। जिसे केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। उपनल की ओर से एक साफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिससे ऑनलाइन पंजीकरण, विभागों के समय पर बीजक और वेतन प्रेषण किया जा रहा है।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से उपनल के स्थापना दिवस के लिए प्रेषित शुभकामना संदेश भी पढ़ा गया। उन्होंने 19वें स्थापना दिवस पर उपनल के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों व उनके परिवारों को बधाई दी है।

इस मौके पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उपनल का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराना है। इस क्रम में उपनल द्वारा पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जा रहा है।

मंत्री जोशी ने कहा कि वर्तमान में उपनल द्वारा 24000 अभ्यर्थियों का प्रयोजन किया जा चुका है। उत्तराखण्ड एक छोटा प्रदेश होते हुए भी प्रयोजन के लिए देश में उपनल दूसरे स्थान पर रहना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कल्याणकारी योजनाओं में व्यय पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याणकारी योजनाओं में सीएसआर मद से वर्तमान तक लगभग 56 लाख व्यय किये जा चुके हैं। हाल ही में जोशीमठ आपदा से निपटने के लिए उपनल द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपये दान दिये गये।

इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रतिभावान युवाओं जो एनडीए, आईएएस, एमबीबीएस की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए शीघ्र ही उपनल एक कोष तैयार करेगा।

इस दौरान कला, साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के अलावा उपनल के उत्कृष्ट कार्य करने वाले 03 कर्मचारियों को भी पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया। पर्वतारोहण और साइकिलिंग के क्षेत्र में कई मेडल जीतने वाले पूर्व सैनिक कलम सिंह बिष्ट को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने सम्मानित होने वाले सभी छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को और उपनल संस्था के अधिकारियों को भी स्थापना दिवस की बधाइयां दीं। उन्होंने कहा कि हम सभी को संकल्प लेना होगा कि हम इसकी बेहतरी के लिए कार्य करें।