उप निरीक्षक को सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

20HREG411 उप निरीक्षक को सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

– पैतृक घाट काकडागाड़ में उमड़ा क्षेत्रीय जनता का सैलाब

-तुंगनाथ घाटी के उथिण्ड गांव के निवासी थे एसआई प्रदीप रावत

रुद्रप्रयाग, 20 जुलाई (हि.स.)। चमोली हादसे में जान गंवाने वाले पीपलकोटी चौकी प्रभारी 42 वर्षीय प्रदीप रावत को उनके पैतृक घाट काकडागाड़ केदारघाटी में पुलिस सैन्य सम्मान के साथ नम आंखों से अन्तिम विदाई दी गयी। उनकी मृत्यु से उनके पैतृक गांव उथिण्ड गांव सहित सम्पूर्ण क्षेत्र में शोक की लहर छा गयी है। ऊखीमठ व भीरी के व्यापारियों ने शोक में अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बन्द रखे।

मूल रूप से तुंगनाथ घाटी के उथिण्ड गांव निवासी व पीपलकोटी चौकी प्रभारी प्रदीप रावत का पार्थिव शरीर बुधवार देर रात ऊखीमठ लाया गया। प्रदीप रावत के पार्थिव शरीर के ऊखीमठ पहुंचने पर परिजन फूट-फूट कर रो पड़े। गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे उनके ऊखीमठ आवास पर परिजनों व रिश्तेदारों ने अन्तिम दर्शन किये, जिसके बाद ऊखीमठ से उनके पैतृक घाट काकडागाड़ तक शव यात्रा में सैकड़ों जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, व्यापारी, परिजन व पुलिस प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए।

पूर्व विधायक मनोज रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन्त तिवारी, पुलिस अधीक्षक विशाखा भदाणे, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल, हर्षवर्धनी सुमन सहित विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों व परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित श्रद्धांजलि दी। उनके पैतृक घाट काकडागाड़ में पुलिस सैन्य सम्मान के साथ उन्हें सलामी दी गयी तथा सैकड़ों ग्रामीणों ने उन्हें नम आंखों से अन्तिम विदाई दी। उनके बडे भाई कुलदीप रावत व सुनील रावत ने मुखाग्नि दी।

एसआई प्रदीप रावत 2004 में उत्तराखण्ड पुलिस सेवा में चयनित हुए तथा 2009 में उनका एसआई पद पर प्रमोशन हुआ और पिछले एक साल से वे पीपलकोटी में बतौर चौकी इंचार्ज थे।