03HLEG10 बर्खास्त जिला पंचायत अध्यक्ष सविता के मामले में राज्य सरकार से मांगा दो सप्ताह में जवाब
नैनीताल, 03 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखण्ड हाई कोर्ट ने हरिद्वार की बर्खास्त जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी सहित तीन अन्य के द्वारा जिला पंचायत का करोड़ों रुपये का भुगतान अभी तक नही करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।
मामले की सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खण्डपीठ ने राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार का शपथपत्र आना आवश्यक है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि अभी तक राज्य सरकार ने शपथपत्र पेश नही किया।
मामले के अनुसार मंगलोर निवासी अमित कुमार ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि बर्खास्त जिला पंचायत अध्यक्ष और तीन अन्य ने अपने पद का दुरुप्रयोग कर जिला पंचायत हरिद्वार में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताएं की गईं, जिसकी जांच कमिश्नर गढ़वाल मंडल ने की थी, जो सही पाई गई।
इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष को बर्खास्त किया गया और 5 वर्ष तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष पर छह करोड़ आठ लाख सैंतीस हजार छह सौ छियत्तर रुपये वसूलने के आदेश दिए।
इसके अलावा कुसुम, विजयपाल व मोहम्मद ताहिर पर तीन करोड़ चौंतीस लाख बहत्तर हजार एक सौ अठत्तर रुपये वसूलने के आदेश दिए, जो अभी तक जिला प्रशासन द्वारा नही वसूला गया। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि इनसे उक्त धनराशि वसूली जाये और इनके चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया जाए। क्योंकि इन्होंने सरकारी धन का दुरुपयोग किया है।