09HREG113 केदारनाथ धाम की यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के किये जा रहे हैं प्रयास: सौरभ बहुगुणा
रुद्रप्रयाग, 09 जून (हि.स.)। केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। जहां पिछले वर्ष 185 घोड़े-खच्चरों की मृत्यु हुई थी, वहीं इस बार अभी 70 घोड़े-खच्चरों की मौत यात्रा मार्ग पर हुई है। सरकार और शासन-प्रशासन का यही प्रयास है कि तीर्थ यात्रियों को यात्रा पड़ावों में बेहतर व्यवस्थाएं मिलें। साथ ही घोड़े-खच्चरों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जा रहा है।
पशुपालन, दुग्ध विकास, सेवायोजन मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने रुद्रप्रयाग में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम की यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया है। इस दौरान तीर्थ यात्रियों से भी यात्रा को लेकर फीडबैक लिया गया, जिसमें तीर्थ यात्रियों ने रहने और खाने की उचित व्यवस्था की बात कही। साथ ही तीर्थ यात्रियों ने ओवर रेटिंग की कोई भी शिकायत नहीं की।
उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों को पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के आवागमन से दिक्कतें हो रही हैं। घोड़े-खच्चरों के नीचे आते समय तीर्थ यात्रियों पर धक्का लग रहा है, जिस कारण उन्हें परेशानी हो रही है। पिछले वर्ष यात्रा मार्ग पर 185 पशुओं की मौत हुई थी, वहीं इस बार 70 पशुओं की मौत हुई है। सरकार और शासन-प्रशासन का यही प्रयास है कि यात्रा मार्ग पर पशुओं को अच्छी व्यवस्थाएं मिलें। उनके लिए गर्म पानी, खाने और रहने की उचित व्यवस्था की गई है। घोड़ा-खच्चर संचालक पानी की चरहियों में अपने जूते साफ कर रहे हैं। ऐसे में इन लोगों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिये गये हैं।
मंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में बरसाती सीजन शुरू होने जा रहा है, जिससे बारिश के समय घोड़े-खच्चरों को रहने की समस्या हो सकती है। ऐसे में घोड़ा पड़ाव में बनाये गये टिन शेड को डबल करने के लिए कहा गया है। इससे पशुओं की सुरक्षा हो पाएगी। उन्होंने कहा कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर ट्रैक्टरों से पुनर्निर्माण का सामान ले जाया जा रहा है, जिस कारण तीर्थ यात्रियों को परेशानी हो रही है। विभाग को निर्देश दिये गये हैं कि यात्रा खत्म होने तक पैदल मार्ग पर ट्रैक्टर की आवाजाही को रोका जाए। बरसाती सीजन में पैदल मार्ग पर फिसलने का डर रहता है और में डेंजर जोन वाले स्थानों पर निकलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इन स्थानों को चिन्हित करके यात्रियों को सुरक्षित यात्रा करवाई जाएगी।
इसके अलावा कुछ दिन पहले केदारनाथ धाम में एक महिला के शराब की मांग किये जाने पर प्रभारी मंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम आस्था का केन्द्र है। यहां इस प्रकार के कृत्य नहीं किये जाने चाहिए।