विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस : सेनेटरी नैपकिन पैड वेंडिंग मशीन की हुई शुरुआत

28HREG270 विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस : सेनेटरी नैपकिन पैड वेंडिंग मशीन की हुई शुरुआत

-माहवारी के प्रति झिझक मिटाने के लिए की जा रही है कोशिश : रेखा आर्या

-पांच रुपये में मिलेगी 2 सेनेटरी नैपकिन, पूरे प्रदेश में लगाई जाएंगी 8 हजार मशीनें

देहरादून, 28 मई (हि.स.)। ‘विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस’ पर रचनात्मक पहल करते हुए ‘मेरी सहेली सेनेटरी नैपकिन पैड वेण्डिंग मशीन’ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया है। राज्य में कुल 8000 सेनेटरी नैपकिन मशीन लगाई जाएंगी,जिससे प्रत्यक्ष रूप से राज्य भर की लाखों बालिकाओं और महिलाओं को लाभ प्राप्त होगा।

रविवार को मुख्य सेवक सदन,देहरादून में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या और मंत्री गणेश जोशी ने ‘विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस’ के अवसर पर ‘मेरी सहेली सेनेटरी नैपकिन पैड वेंडिंग मशीन’ कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं की झिझक और स्वास्थ्य जागरूकता को ध्यान में रखते हुए सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाने की पहल की है। लड़कियों में सेनिटेशन, हेल्थ अवेयरनेस बढ़ाने और उनकी झिझक मिटाने के लिए यह कोशिश की जा रही है। स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्रों अस्पताल समेत लड़कियों और महिलाओं की पहुंच वाले क्षेत्रों में ये नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी।

इन सेनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन से पांच रुपये में दो सेनेटरी नैपकिन प्राप्त की जा सकती हैं और पूरे प्रदेश में ऐसी 8 हजार मशीनें लगाई जाएंगी। आज भी इस संबंध में महिलाएं खुलकर बात नहीं करती हैं। किशोरी और महिलाओं माहवारी के समय घरेलू कपड़े का उपयोग करती हैं जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से उपयुक्त नहीं है। इससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। इस मशीन द्वारा तैयार किए गए सेनेटरी पैड का उपयोग सुरक्षित है।

विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आज भी कई जगहों पर मासिक धर्म के बारे में बालिकाएं और महिलाएं झिझकती हैं, ऐसे में इस दौरान उन्हें क्या एहतियात बरतने चाहिए, वे नहीं जानती। इस तरह से वे खुद के स्वास्थ्य को खतरे में डाल देती हैं। मासिक धर्म पर स्वच्छता का अभाव देखने को मिलता है जिसकी वजह से कई तरह के संक्रमणों का खतरा बना रहता है। इन सभी मुद्दों पर अधिक से अधिक जागरूकता की आवश्यकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मंत्री गणेश जोशी ने माहवारी के ऊपर अपने विचार रखते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह एक अच्छी पहल है। इसके बाद अब बालिकाओं को सेनेटरी नैपकिन सार्वजनिक स्थानों पर मिल सकेंगी। आज से पूर्व माहवारी के बारे में लोगों में जागरूकता नही थी। कई प्रकार की भ्रांतियां फैली हुई थीं। हमें जागरूकता बढ़ाने के साथ ही बच्चों को शुरू से ही माहवारी के प्रति तैयार करना चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित महिला चिकित्सकों ने बालिकाओं को माहवारी में क्या करना चाहिए और क्या नही के बारे में जानकारी दी। साथ ही बालिकाओं और महिलाओं में माहवारी से संबंधित फैली भ्रांतियों के बारे में बताया। कार्यक्रम में उपस्थित कई बालिकाओं ने माहवारी से संबंधित अपने विभिन्न प्रश्न किये, जिनके जवाब चिकित्सकों की ओर से उन्हें दिए गए। साथ ही माहवारी को लेकर उनके मन में फैली भ्रांतियां को भी दूर किया।

इस मौके पर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अनु सचिव सतीश कुमार सिंह जी,उपनिदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विक्रम सिंह, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी मोहित चौधरी, उप मुख़्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता,स्वास्थ्य निदेशालय के प्रतिनिधि,सीडीपीओ सुपरवाइजर आंगनबाड़ी कार्यकत्री,बालिकाएं और समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।