उज्जैन: महाकाल लोक में आंधी से टूटी प्रतिमाएं हटाई, मंत्री ने बताया प्राकृतिक आपदा

29HREG346 उज्जैन: महाकाल लोक में आंधी से टूटी प्रतिमाएं हटाई, मंत्री ने बताया प्राकृतिक आपदा

उज्जैन, 29 मई (हि.स.)। महाकाल लोक में ररिवार अपरांह आई भारी आंधी-तूफान एवं बारिश के चलते सप्तऋषि सहित कुछ प्रतिमाएं गिरकर टूट गई थी। इन्हे मंदिर प्रशासन ने हटा दिया है। इधर शहर कांग्रेस ने मौके पर रविवार को धरना दिया था वहीं सोमवार को स्मार्ट सिटी कम्पनी के कार्यालय का घेराव किया। वहीं कांग्रेस विधायक ने पत्रकार वार्ता लेकर गंभीर आरोप लगाए। प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार दोपहर उज्जैन आकर महाकाल लोक का दौरा किया और इसे एक प्राकृतिक आपदा बताया।

बता दें कि रविवार को 30 किमी प्रति घण्टे की गति से चली हवा और तेज बारिश के चलते उज्जैन एवं समीपस्थ शहर में सारी व्यवस्थाएं धव्स्त हो गई थी। इसी दौरान महाकाल लोक में लगी सप्तऋषि की प्रतिमाएं जहां हवा में उड़कर नीचे गिरी और टूट गई वहीं भ्रष्ट्राचार के आरोपों से कांग्रेस ने पूरे शहर को गूंंजा दिया। महाकाल लोक में शिव स्तंभ के चारों ओर लगी सप्तऋषि की सात में से छ: प्रतिमाएं गिरकर टूट गई थी। इन प्रतिमाओं को मंदिर प्रशासन ने हटा दिया है।

वहीं प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने मौके पर निरीक्षण करते हुए इसे प्राकृतिक आपदा बताया। जगदीश देवड़ा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि बेवजह वे इस मामले को उछाल रहे हैं उन्होने जांच बैठा दी है। जांच समिति तय करेगी कि सप्तऋषियों की प्रतिमाएं निविदा अनुसार बनी या नहीं? वे स्वये दौरा करेंगे। देखेंगे कि सप्तऋषियों की नई प्रतिमाएं फाइबर की ही लगाएं या मार्वल की। वे महाकाल लोक का निरीक्षण कर जमीनी हकीकत भी जानेंगे।

कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने इस मामले की रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें ठेकदार कंपनी पर कार्रवाई की चर्चा है। ज्ञात रहे सप्तऋषियों में केवल भारद्वाज मुनि की प्रतिमा ही सुरक्षित बची है। शेष को क्षतिग्रस्त होने पर वहां से प्रशासन ने हटा लिया था। यह प्रतिमा भी हटा ली गई है। अब शिव स्तंभ के चारों ओर प्रतिमाओं के पेडेस्टल की जगह केवल कमल के फूल ही दिखाई दे रहे हैं। जिला प्रशासन और निगमायुक्त सहित स्मार्ट सिटी सीईओ इस मामले में मीडिया से बात करने से बच रहे हैं।

भाजपा में ही आक्रोश है अधिकारियों के प्रति

भाजपा के पूर्व मंत्री और विधायक पारस जैन ने इस मामले में कहा कि उन्होने पहले भी संगमरमर की मूर्ति लगाने को कहा था,लेकिन इस पर गौर नहीं किया गया। अब कुछ समय के लिए फाइबर की मूर्तियां लगवाना चाहिए ताकि तबतक मार्वल की मूर्तियां बनकर आ जाए। मांग की कि सरकार अन्य सभी मूर्तियों की मजबूती की जांच करवाए ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो।

विधायक ने ली पत्रकार वार्ता

इधर शाम को तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने पत्रकार वार्ता ली। उन्होने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और अधिकारियों ने भ्रष्ट्राचार किया है। महाकाल लोक के निर्माण में प्रतिमाओं को लेकर जो शर्ते तय की गई,उनका पालन नहीं हुआ बल्कि कई अधिक गुना राशि का भुगतान कर दिया गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष रवि भदौरिया और कार्याध्यक्ष रवि राय ने महाकाल लोक में धरना देने के अलावा स्मार्ट सिटी का घेराव किया।