29HREG342 रतलाम : ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने बिलडी यार्ड में स्थाई गति प्रतिबंध को हटाना
रतलाम, 29 मई (हि.स.)। मुम्बई-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर रतलाम मंडल के रतलाम-गोधरा खंड में बिलडी यार्ड में वर्षों पुरानी 3 डिग्री कर्व को सीधा कर अप एवं डाउन लाइन पर स्थाई गति प्रतिबंध को समाप्त करना मुम्बई-दिल्ली रेल मार्ग को 160 किलोमीटर प्रति घंटा करने में एक बड़ी उपलब्धि है।
मंडल रेल प्रवक्ता खेमराज मीना के अनुसार पूर्व में बिलडी यार्ड में 3 डिग्री कर्व होने के कारण अप लाइन पर 80 किमी प्रति घंटा तथा डाउन लाइन पर 75 किमी प्रति घंटा का गति प्रतिबंध होने के कारण ट्रेन परिचालन में संरक्षा एवं गति प्रभावित होने के साथ रतलाम-गोधरा खंड में ट्रेन सघनता की भी समस्या थी।
मुम्बई दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर होने के कारण इस कार्य को कारना काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में यात्री एवं मालगाडियों का आवागमन होता है। रतलाम मंडल द्वारा इस चुनौतीपुर्ण कार्य को करने के लिए 07 दिन का समय लिया गया जिसमें 3 डिग्री कर्व को समाप्त कर सीधी लाइन डालने के लिए लगभग 900 मीटर लंबा नया टर्नआउट डाला गया। नया टर्नआउट डालने के लिए कटिंग को चौड़ा करना, ट्रैक डालने के लिए नया फॉर्मेशन तैयार करना, बैलास्ट बेड तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य करने के बाद इस पर लगभग 900 मीटर नया टर्नआउट डालकर संरक्षा संबंधित सभी मापदंडों के अनुसार कार्य पूरा किया गया तथा पुराने टर्नआउट को डिस्मेंटल किया गया। नए ट्रैक के अनुसार विद्युतीकरण कार्य को भी समय रहते पूरा किया गया।
इस स्थाई गति प्रतिबंध को हटाने के साथ इसके समानांतर बिलड़ी स्टेशन पर पैनल इंटरलॉकिंग के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिंक इंटरलॉकिंग का कार्य को भी पूरा किया गया। स्थाई गति प्रतिबंध को हटाने के लिए लगभग 12.06 करोड तथा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के लिए लगभग 7 करोड़ का फंड स्वीकृत हुआ था, लेकिन रतलाम मंडल द्वारा दोनों कार्यों को समानांतर रूप से एक साथ करने के कारण रेलवे को समय की बचत के साथ लगभग 01 करोड़ रूपए लागत की बचत भी हुई । विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्यव एवं कार्ययोजना की उचित मॉनिटरिंग के कारण इस महत्वपूर्ण कार्य को लगभग एक सप्ताह में पूरा किया गया। इस दौरान बिलडी स्टेशन पर नया स्टेशन भवन का निर्माण भी पूरा किया गया।
गति प्रतिबंध सामान्य होने तथा रेलवे ट्रैक सीधी होने से ट्रेनों की गति बढ़ेगी, यात्रा समय कम होगा, रतलाम-गोधरा खंड में ट्रेनों की सघनता कम होगी, संरक्षा में बढ़ोती होगी। बिलडी यार्ड के स्थाई गति प्रतिबंध हटने से मुम्बई दिल्ली रेल मार्ग पर प्रस्तावित 160 किमी प्रति घंटा प्रोजेक्ट में एक महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।