उपेक्षित समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने में जाबाली कप क्रिकेट टूर्नामेंट एक मिसाल है

23HREG403 उपेक्षित समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने में जाबाली कप क्रिकेट टूर्नामेंट एक मिसाल है

आठ दिवसीय आयोजन का हुआ समापन, सकर ग्राम की टीम विजेता रही

मंदसौर 23 मई (हि.स.)। जोगणियां माता सेवा समिति एवं प्रवासी समुदाय मालवा प्रांत के तत्वावधान में आठ दिवसीय संभाग स्तरीय जाबाली कप क्रिकेट प्रतियोगिता नूतन स्टेडियम में संपन्न हुई। बांछड़ा समुदाय के युवकों की पूरे संभाग से 24 टीमों ने इस टूर्नामेंट में भाग लिया। अंतिम मैच शकर ग्राम और गिरधारी की टीम के बीच खेला गया विजेता टीम शकर ग्राम रही। विजेता उपविजेता मैन ऑफ द सीरीज बेस्ट बॉलर बेस्ट बैट्समैन को अतिथियों के द्वारा शील्ड प्रदान की गई। विजेता टीम के कप्तान बंटी चैधरी और पूरी टीम को 31000 रू.नगद और उपविजेता टीम के कप्तान वीरू व टीम को 21000 रू.और शील्ड प्रदान की गई।

समापन समारोह मुख्य अतिथि गरोठ क्षेत्र के विधायक देवीलाल धाकड़ ने कहा कि खेल हममें खिलाड़ी भावना विकसित करते हैं। जिसकी हर क्षेत्र में आवश्यकता होती है। जाबाली कप क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन निश्चित रूप से अपने उद्देश्यों में सफल सिद्ध हुआ है। बांछड़ा समुदाय के युवकों ने क्रिकेट के माध्यम से स्वयं की प्रतिभा और अपने खेल कौशल को प्रस्तुत किया है।

जाबाली कप क्रिकेट प्रतियोगिता के सूत्रधार रवि प्रताप सिंह बुंदेला ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि बांछड़ा समुदाय की वर्षों से जो एक बदनाम पहचान इस पूरे क्षेत्र में बनी हुई थी इससे इन्हें आजाद कराकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास प्रवासी समुदाय मालवा प्रांत के माध्यम से लगातार किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इस आठ दिवसीय टूर्नामेंट में नीमच रतलाम मंदसौर सहित संभाग की बांछड़ा समुदाय की 24 टीमों ने भाग लिया।लगभग 5 हजार युवाओं ने इस टूर्नामेंट में उपस्थित होकर अपना उत्साह प्रकट किया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 400 अतिथि इन आठ दिनों में इन खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए यहां पहुंचे।