06HREG109 लखवाड़ परियोजना से प्रभावित काश्तकारों ने मांगा मुआवजा
नैनबाग में बैठक कर मांगों पर मंथन किया, समस्याओं का जल्द निस्तारण करने की मांग
नई टिहरी, 06 मई (हि.स.)। लखवाड़ जल विद्युत परियोजना से प्रभावित होने वाले काश्तकारों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नैनबाग में बैठकर विभिन्न मांगों पर चर्चा की। बैठक में प्रभावित काश्तकारों को उचित मुआवजा देने के साथ उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किये जाने की मांग की गई।
नैनबाग क्षेत्र में यमुना नदी पर प्रस्तावित 320 मेगावाट लखवाड़ जल विद्युत परियोजना से प्रभावित होने वाले काश्तकारों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नैनबाग स्थित लोनिवि गेस्ट हाउस में बैठक कर समस्याओं पर चर्चा की। नैनबाग अनुसूचित जनजाति विकास मेला समिति सचिव प्रदीप कवि ने कहा कि जल विद्युत परियोजना के निर्माण से जौनपुर तहसील के रणोगी और कुणा गांव की करीब 60 प्रतिशत से अधिक भूमि प्रभावित होगी। प्रभावित ग्रामीणों को समय पर उचित मुआवजा देने के साथ ग्रामीणों को रोजगार भी मिलना चाहिए।
लखवाड़ बांध परियोजना एवं श्रम समिति के अध्यक्ष बचन सिंह पुंडीर ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर परियोजना से प्रभावित होने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। बताया इस संबंध में उच्चधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत करवाया जाएगा। बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से जौनुपर क्षेत्र की नैनबाग और धनोल्टी तहसील को देहरादून जिले में शामिल किये जाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में उप प्रमुख सरदार सिंह कंडारी, डॉ. वीरेंद्र रावत, शरण सिंह पंवार, विक्रम कैंतुरा, इंद्रदेव डोभाल, अर्जुन रावत, श्याम सिंह चौहान, बचन सिंह रावत, मंसाराम कवि, गुलशन कवि, प्रवीण चौहान, संदीप चौहान, अर्जुन सिंह आदि मौजूद थे।