चीता प्रोटेक्शन फोर्स के लिए मध्य प्रदेश को मिलेगा केन्द्र से हर संभव सहयोग: भूपेंद्र यादव

29HNAT39 चीता प्रोटेक्शन फोर्स के लिए मध्य प्रदेश को मिलेगा केन्द्र से हर संभव सहयोग: भूपेंद्र यादव

– चीता प्रोजेक्ट पर उच्च स्तरीय बैठक में केन्द्रीय वन मंत्री ने कहा, सरकार ने उम्मीद नहीं छोड़ी

– जरूरत पड़ने पर अधिकारी और कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिए नामीबिया भेजा जायेगा

भोपाल, 29 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में तीन शावकों समेत छह चीतों की मौत से कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। सरकार के सभी प्रयासों के बाद भी पिछले दिनों एक के बाद एक चीतों की मौतें हुई हैं। अब केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भरोसा दिलाया है कि चीता प्रोटेक्शन फोर्स के लिए केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय संसाधन सहित हर संभव सहयोग दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो शीघ्र ही चीता परियोजना के अंतर्गत चीता संरक्षण एवं प्रबंधन में लगे अधिकारी और कर्मचारियों को अध्ययन प्रवास के लिए दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया भेजा जायेगा।

केन्द्रीय मंत्री यादव सोमवार को भोपाल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश के वन मंत्री डॉ. विजय शाह और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस संबंध में उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कूनो राष्ट्रीय उद्यान के लिए अतिरिक्त वन रक्षक और वनपाल की व्यवस्था का आग्रह करते हुए कहा कि अधो-संरचना और मानव संसाधन दोनों आवश्यक हैं। आमजन को भी प्रामाणिक जानकारी मिलना चाहिए।

केन्द्रीय मंत्री यादव ने बताया कि वे आगामी छह जून को कूनो राष्ट्रीय उद्यान जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। इसके साथ ही उनका कहना था कि वर्तमान में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सात चीते खुले वन क्षेत्र और 10 चीते अनुकूलन बाड़ों में रह रहे हैं। आगामी नवम्बर तक चीतों के लिए वैकल्पिक रहवास के तौर पर गांधी सागर अभयारण्य को भी तैयार किया जा रहा है। कूनो में भी अनुमानित क्षमता के मुकाबले अभी चीते कम हैं। चीतों की देखभाल करने वाला स्टॉफ भी परिश्रमी है, इसलिए यह परियोजना निश्चित ही सफल होगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में कहा कि मध्यप्रदेश चीता स्टेट है। यह प्रतिष्ठा की बात है। राज्य सरकार चीता परियोजना की सफलता के लिए प्रतिबद्ध है। प्रारंभ में ही चीता शावकों के जन्म के सर्वाइवल रेट की जानकारी दी गई थी। चीता परियोजना से जुड़ा सम्पूर्ण अमला, जज्बे के साथ कार्य कर रहा है। परियोजना की प्रगति संतोषजनक है। उन्होंने निर्देश दिए कि चीतों के लिए वैकल्पिक रहवास के लिए गांधी सागर अभयारण्य में आवश्यक व्यवस्था युद्ध स्तर पर पूर्ण करवाएं। बैठक में परियोजना से पर्यटन विकास की गतिविधियों पर भी चर्चा हुई।

राज्य के वन मंत्री डॉ. विजय शाह ने चीता की मॉनिटरिंग में तैनात कर्मचारियों को सुरक्षा की दृष्टि से आधुनिक वाहन भी उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया। बैठक में केन्द्रीय वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव सीपी गोयल, मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव वन जेएन कांसोटिया, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. एसपी यादव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला, प्रधान मुख्य वन संरक्षण वन्य-प्राणी जेएस चौहान, अपर सचिव वन विभाग अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।