एक-एक बच्चे को गोद लेने का लें संकल्प : रेखा आर्य

20HREG217 एक-एक बच्चे को गोद लेने का लें संकल्प : रेखा आर्य

देहरादून, 20 मई (हि.स.)। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि हम सभी समाज को अच्छा बनाने के लिए एक-एक बालश्रम वाले बच्चे को गोद ले सकते हैं,जो एक सही समाधान है। हमको संकल्प लेना चाहिए ताकि दूसरे लोग भी इससे प्रेरणा लें।

शनिवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से बालश्रम और बालभिक्षावृति उन्मूलन और पुनर्वास पर एक दिवसीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि मंत्री रेखा आर्या ने यह बातें कहीं।

इस मौके पर मंत्री आर्या ने कहा कि कहीं न कहीं बच्चों को बालश्रम में धकेलने के लिए हम ही जिम्मेदार हैं। हम भी समाज को अच्छा बनाने के लिए एक बालश्रम वाले बच्चे को गोद ले सकते हैं,जो एक सही समाधान है। हमको संकल्प लेना चाहिए ताकि दूसरे लोग भी इससे प्रेरणा ले सकें।

उन्होंने कहा कि कुछ संस्थाओं में हमने देखा कि वहां बच्चे तो थे लेकिन राशन नहीं था। बच्चों से जब पूछा तो उन्होंने बताया कि आसपास कोई शादी ब्याह होता है तो वो लोग खाना दे जाते हैं। ऐसी संस्थाओं को हमने बंद करवाया। अगर संस्था खोली है तो सही तरीके से काम करें।

इससे पहले आयोग की अध्यक्ष डा.गीता खन्ना ने बालश्रम, बालभिक्षावृत्ति उन्मूलन और पुनर्वास जैसे गम्भीर मुद्दों पर आयोग स्तर से जागरूकता फैलाने के लिए सभी विभागों से एकजुट होकर कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया।

उन्होंने बताया कि बालश्रम और भिक्षावृत्ति अब ऑरगनाइज्ड माफिया क्राइम न होकर अभिभावकों द्वारा प्रेरित है और उसका कारण गरीबी और अज्ञानता,निम्न स्तर की जीवन शैली,रोटी,कपडा और आचरण का एक अव्यावहारिक व्यवहार है।

कार्यशाला में बतौर विशिष्ट अतिथि पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने ऑपरेशन मुक्ति पर वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस विभाग की ओर से भिक्षावृत्ति व बालश्रम की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक कराये जाएंगे। साथ ही उन्होंने आयोग के सभी गम्भीर मुद्दों पर सहयोग का आश्वासन दिया गया। पुलिस विभाग एसपी लॉ एण्ड ऑडर ने बालश्रम और बाल कल्याण पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

कार्यक्रम में बालश्रम एवं बालभिक्षावृत्ति पर यूथ इन्नोवेशन द्वारा नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया, जिसे सभी उपस्थित अधिकारियों व श्रोतागणों ने बहुत सराहा।

कार्यशाला में बालश्रमिकों/भिक्षावृति में लिप्त बच्चों की पहचान और रेड, रेस्क्यू एवं पुनर्वास पर सुरेश उनियाल,राज्स समन्वयक,बचपन बचाओ आन्दोलन और श्रम विभाग ने प्रस्तुतीकरण दिया।