कांग्रेस में नेताओं की बयानबाजी पर रोक लगाने कल आएंगे पीएल पूनिया

14HREG277 कांग्रेस में नेताओं की बयानबाजी पर रोक लगाने कल आएंगे पीएल पूनिया

देहरादून, 14 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड कांग्रेस में सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। लंबे समय से प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। उन्होंने एक-दूसरे से इतनी दूरी बना रखी है कि महीनों तक मुलाकात और बात नहीं होती। एक-दूसरे के कार्यक्रमों में वह शिरकत भी नहीं करते। वहीं कुछ नेताओं के भाजपा के संपर्क में होने या कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने की चर्चाएं भी आमतौर पर होती रही हैं। अब इसे सुलझाने का काम प्रारंभ हो गया है। कांग्रेस की इस अंतर्कलह को समाप्त करने के लिए अब वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीएल पूनिया को हाईकमान द्वारा पर्यवेक्षक बनाकर देहरादून भेजा गया है। पीएम पूनिया 15 अप्रैल को देहरादून आ रहे हैं और इस अंतर्कलह के कारणों को समझने तथा नेताओं को समझाने का प्रयास करेंगे।

प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी किस कदर हावी है। इसका प्रमाण पिछले दो चुनावों में लगातार हुई पराजय से लिया जा सकता है। अभी बीते दिनों कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गढ़वाल की उपेक्षा का आरोप लगाया गया था। वहीं प्रीतम सिंह ने भी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की राजनीतिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए यहां तक कह दिया था कि उन्हें राजनीति का क ख ग भी नहीं आता है और वह हमारे प्रभारी हैं। उन्होंने किसी अनुभवी नेता को प्रभारी बनाने की मांग की थी।

प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि पार्टी के बड़े नेताओं की इस तरह की बयानबाजी से पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है। जिसके बारे में उन्होंने केंद्रीय नेताओं से वार्ता की थी जिस पर संज्ञान लेते हुए पीएल पूनिया को यहां भेजा जा रहा है। वह सभी से मिलेंगे और बात करेंगे।