मिलेट्स में पाए जाते हैं प्राकृतिक रूप से पोषक तत्व : सौरभ बहुगुणा

12HREG397 मिलेट्स में पाए जाते हैं प्राकृतिक रूप से पोषक तत्व : सौरभ बहुगुणा

-पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के तत्वावधान में हुआ ‘मिलेट महोत्सव’

हरिद्वार,12 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश के पशुपालन और गन्ना विकास मंत्री ने कहा कि मिलेट्स में प्राकृतिक रूप से पोषक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन हमने अपने पूर्वजों की बताई गई प्राकृतिक चीजें छोड़कर अप्राकृतिक चीजों पर विश्वास करना शुरू कर दिया। उन्हाेंने यह बातें पतंजलि आयुर्वेद अस्पताल और पतंजलि अनुसंधान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में ‘मिलेट महोत्सव-परम्परा और नवाचार’ विषय पर हुई एकदिवसीय कार्यशाला में कहीं।

इस अवसर पर पशुपालन और गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने आयुष मंत्रालय भारत सरकार के पतंजलि आयुर्वेद हॉस्पिटल को सेंटर ऑफ एक्सिलेंस चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि मोटे अनाज यानी मिलेट्स हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी हैं। मिलेट्स के प्रयोग से हमारा एनर्जी लेवल स्वतः ही बढ़ जाता है, आप बॉडी कम्पोजीशन में स्वयं अंतर महसूस कर सकते हैं।

इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि मिलेट महोत्सव केवल एक दिन का उत्सव नहीं होना चाहिए अपितु नैरोग्यता प्राप्त करने के लिए हमें मोटे अनाज को अपने दैनिक आहार में शामिल करना ही होगा। उन्होंने बाजरा, तिल, अलसी सहित विभिन्न मोटे अनाज के गुण बताते हुए उपस्थित समूह को प्रतिज्ञा दिलाई कि हम अपने दैनिक जीवन में मिलेट्स का प्रयोग करके स्वस्थ, समृद्ध, व्यक्ति, परिवार, समाज एवं विश्व के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँगे।

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का ड्रीम प्रोजेक्ट मोटे अनाज से लोगों की बीमारी को भगा कर किसानों की आय को बढ़ाना है। पतंजलि के माध्यम से हमने सबसे पहले नौ अनाजों का आटा मल्टीग्रेन आटा, नवरत्न आटा के रूप में पूरे देश के लोगों तक पहुँचाया। जिस तरह योग रूपी बीज को वृक्ष बनाने का कार्य इसी पतंजलि परिसर में हुआ। उसी तरह यह मिलेट भी पतंजलि परिसर से निकलकर पूरी दुनिया के आकर्षण का केन्द्र बनेगा। हमारे पूर्वजों को पता था कि सभी पोषक तत्व इन्हीं मोटे अनाज में निहित हैं।

उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुनील कुमार जोशी ने कहा कि विविध असाध्य रोगों से ग्रस्त रोगी मल्टीग्रेन आटे का प्रयोग कर अपने दैनिक जीवन को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने दैनिक आहार में कम एक बार मिलेट्स का भोजन जरूर करें।

कार्यक्रम में डायरेक्टर ऑफ आयुर्वेद, उत्तराखंड सरकार डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी,पतंजलि अनुसंधान संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति डॉ. महावीर अग्रवाल, इण्डियन मिलेट इनिशियेटिव के चेयरमैन डॉ. सत्येन यादव, पद्मश्री नेक राम शर्मा, पतंजलि अनुसंधान संस्थान के डी-साइंटिस्ट डॉ. भास्कर जोशी, फूड टेक्नोलॉजी हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूज मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की इंजीनियर नेहा धीमान, पतंजलि हर्बल रिसर्च डिविजन की प्रमुख डॉ. वेदप्रिया आर्य ने भी व्याख्यान दिया।